आगरा के ट्रांस यमुना फेस-द्वितीय स्थित श्री कृष्णा अस्पताल में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब प्रसूता की मौत के दो दिन बाद उसके एक जुड़वा नवजात ने भी दम तोड़ दिया। नवजात की मृत्यु की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजन अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
उपचार में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि प्रसूता ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था, जिनकी स्थिति नाजुक थी। परिजनों ने दावा किया कि बच्चों की गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और घटना की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
दूसरी ओर, अस्पताल संचालक ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नवजात बच्चों का जन्म समय से पूर्व (प्री-मैच्योर) हुआ था, जिसके कारण उनके शरीर के अंग पूरी तरह विकसित नहीं थे। प्रबंधन का कहना है कि इसी कारण उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी और उन्हें उचित उपचार के लिए अस्पताल की निगरानी में रखा गया था।
पुलिस की कार्रवाई
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले को नियंत्रित किया। एसीपी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि परिजनों की ओर से तहरीर मिलती है, तो मामले की गहन जांच की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।