नए बाईपास के पास शिवा ढाबे के पीछे कृषि भूमि को समतल कर तैयार किए जा रहे चौड़े रास्ते; स्थानीय लोगों का बिना स्वीकृति कॉलोनी विकसित करने का आरोप
हापुड़ (मनीष कुमार)। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) की ओर से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बीच बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम चक्रसेनपुर में कथित रूप से बिना स्वीकृति प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। नए बाईपास से सटे शिवा ढाबे के पीछे कई हजार वर्गमीटर कृषि भूमि को समतल करने के साथ मिट्टी का भराव कर रास्ते तैयार किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही है। हालांकि संबंधित भूमि पर कॉलोनी अथवा प्लाटिंग के लिए HPDA से स्वीकृति ली गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कृषि भूमि को समतल कर निकाले जा रहे रास्ते
स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी विकसित करने से जुड़े लोगों ने किसान से हजारों वर्गमीटर कृषि भूमि खरीदी है। इसके बाद जमीन को प्लाटिंग के अनुरूप तैयार करने का काम शुरू किया गया।
पहले जमीन को समतल किया गया और अब उसके बीच चौड़े रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। मौके पर प्लाटिंग अथवा अन्य निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से जमीन पर काम हो रहा है, उससे आने वाले समय में भूखंडों की निशानदेही और बिक्री शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
हाईवे से जोड़ने के लिए तैयार किया रास्ता
प्रस्तावित प्लाटिंग क्षेत्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए मिट्टी डालकर रास्ता तैयार किया गया है। जमीन के अंदर भी लंबे और चौड़े रास्ते विकसित किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्य रास्ते के दोनों ओर पौधारोपण की भी योजना है। जमीन पर हो रही इन गतिविधियों को देखकर स्थानीय लोग यहां सुनियोजित तरीके से कॉलोनी विकसित किए जाने की आशंका जता रहे हैं।
HPDA की स्वीकृति को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित कॉलोनी अथवा प्लाटिंग को HPDA से स्वीकृति प्राप्त नहीं है। यदि प्राधिकरण की जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो सवाल उठता है कि इतने बड़े क्षेत्रफल में चल रही गतिविधियां निगरानी व्यवस्था की नजर में अब तक क्यों नहीं आईं।
हालांकि बिना प्राधिकरण के आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के संबंधित प्लाटिंग को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब HPDA द्वारा मौके का निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
प्लाट खरीदने से पहले जरूर जांचें स्वीकृति
किसी भी प्रस्तावित कॉलोनी में केवल सड़क, प्लाट की निशानदेही या अन्य विकास कार्य दिखाई देने से उसे प्राधिकरण से स्वीकृत कॉलोनी नहीं माना जा सकता। खरीदारों के लिए जरूरी है कि प्लाट खरीदने और रकम का भुगतान करने से पहले संबंधित भूमि के भू-उपयोग, लेआउट और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच कर लें।
बिना आवश्यक स्वीकृतियों वाली प्लाटिंग में जमीन खरीदने पर भविष्य में भवन का मानचित्र स्वीकृत कराने, सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानियां सामने आ सकती हैं।
अब HPDA की जांच और कार्रवाई पर नजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर नियमों के विपरीत प्लाटिंग हो रही है तो शुरुआती चरण में ही जांच और कार्रवाई होने से आम खरीदारों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
अब नजर हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण पर है कि ग्राम चक्रसेनपुर में कई हजार वर्गमीटर जमीन पर चल रही गतिविधियों का निरीक्षण कर संबंधित दस्तावेज और स्वीकृतियों की जांच की जाती है या नहीं।
यदि जांच में बिना आवश्यक अनुमति प्लाटिंग किए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं आवश्यक स्वीकृतियां मौजूद होने की स्थिति में वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।