Published By: मो सुहैल Tuesday, 28 Jul 2026 12:47 PM
मुजफ्फरनगर। जिले में हुई लगातार बारिश के बाद शहर की रुड़की रोड पर भारी जलभराव हो गया, जिससे आम जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। विशेष चिंता की बात यह है कि रुड़की रोड श्रावण कांवड़ यात्रा का प्रमुख मार्ग है, जहां से प्रतिदिन हजारों कांवड़िये और वाहन गुजरते हैं। बारिश रुकने के कई घंटे बाद भी सड़क पर जमा पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिसके चलते राहगीरों, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज बारिश के बाद सड़क पर करीब दो से तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई स्थानों पर वाहन धीमी गति से गुजरते दिखाई दिए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा। सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई।
जलभराव के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढे पूरी तरह पानी में छिप गए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पा रहा कि सड़क कहां समतल है और कहां गहरा गड्ढा है। ऐसे में विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने और हादसे की आशंका बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश रुकने के घंटों बाद भी पानी का निकास नहीं होना नगर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान इस प्रमुख मार्ग पर जलभराव होना श्रद्धालुओं और आम लोगों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। यदि समय रहते जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात और अधिक प्रभावित हो सकता है।
राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि रुड़की रोड पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान आवश्यक है।
फिलहाल स्थानीय लोग जलभराव से जूझ रहे हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।