मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के निर्धना गांव में जर्जर बिजली के तार एक बार फिर ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गए। गांव में बिजली के तारों में अचानक आग लगने और काफी देर तक तेज चिंगारियां उठने की घटना सामने आई है। घटना के दौरान तारों से धुआं भी उठता दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और समय रहते इन्हें दुरुस्त या बदला नहीं गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बिजली के तारों से लगातार चिंगारियां निकलती देख ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर तारों से दूरी बना ली। लोगों को आशंका थी कि तार टूटकर नीचे गिर सकते हैं या आग आसपास तक फैल सकती है।
जर्जर तारों में अचानक लगी आग, उठने लगीं तेज चिंगारियां
ग्रामीणों के मुताबिक, निर्धना गांव में शनिवार 29 अगस्त को बिजली के जर्जर तारों में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद तारों से काफी देर तक चिंगारियां निकलती रहीं। इस दौरान धुआं भी उठता दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय तारों से चिंगारियां निकल रही थीं, उस समय उनके आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता था। इसी वजह से ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखी। घटना का दृश्य देखकर लोगों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई कि यदि कोई तार टूटकर नीचे गिर जाता या आग आसपास मौजूद किसी ज्वलनशील वस्तु तक पहुंच जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
ग्रामीणों का आरोप- आए दिन होती है तारों में स्पार्किंग
ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या पहली बार सामने नहीं आई है। गांव में लगे कुछ बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर स्थिति में हैं। इन तारों में आए दिन स्पार्किंग और चिंगारियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बार-बार स्पार्किंग होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े तारों की नियमित जांच और रखरखाव होना चाहिए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को पहले ही रोका जा सके।
बड़ा हादसा होने की आशंका से दूर हटे ग्रामीण
घटना के दौरान बिजली के तारों से लगातार निकलती चिंगारियों को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने वहां से दूरी बना ली। लोगों को डर था कि जर्जर तार अचानक टूटकर नीचे गिर सकते हैं। यदि उस समय कोई व्यक्ति या पशु तार की चपेट में आ जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने बच्चों और अन्य लोगों को भी तारों के पास नहीं जाने की सलाह दी। उनका कहना है कि बिजली के जर्जर तार केवल आग लगने का खतरा ही पैदा नहीं करते, बल्कि करंट की चपेट में आने जैसी गंभीर दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
तारों से उठता रहा धुआं, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग और स्पार्किंग के दौरान बिजली के तारों से काफी मात्रा में धुआं भी उठता दिखाई दिया। काफी देर तक चिंगारियां और धुआं दिखाई देने के कारण आसपास रहने वाले परिवार चिंतित रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में यदि इसी तरह तारों की स्थिति खराब होती रही तो गर्मी, बारिश या तेज हवा के दौरान समस्या और गंभीर हो सकती है। तेज हवा के दौरान कमजोर तार टूटने का खतरा रहता है, जबकि बारिश के मौसम में करंट फैलने जैसी स्थिति भी खतरनाक साबित हो सकती है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर तारों को लेकर समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को गांव में लगे तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच करानी चाहिए। जहां तार अधिक पुराने या कमजोर हो चुके हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि केवल खराबी आने के बाद अस्थायी मरम्मत करने के बजाय ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिससे बार-बार स्पार्किंग और आग लगने की नौबत ही न आए।
बच्चों और पशुओं के लिए भी खतरा
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की लाइनें कई स्थानों पर आबादी, रास्तों और पशुओं के आने-जाने वाले क्षेत्रों के पास से गुजरती हैं। ऐसे में जर्जर तारों से होने वाली स्पार्किंग स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन जाती है।
निर्धना के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बच्चे भी गलियों और रास्तों पर खेलते रहते हैं। इसके अलावा पशुओं का भी आवागमन रहता है। ऐसे में यदि कोई जर्जर तार अचानक टूटकर नीचे गिर जाए तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
इसी वजह से ग्रामीण चाहते हैं कि संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही तारों को बदलने की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों की मांग- जर्जर तारों को जल्द बदले बिजली विभाग
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग से गांव की विद्युत लाइनों का निरीक्षण कराने और जर्जर तारों को जल्द से जल्द बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर बार-बार स्पार्किंग हो रही है, उन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर मरम्मत कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान किया जाना जरूरी है। किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि निर्धना गांव में विद्युत लाइनों की स्थिति की जांच कराई जाए और जहां भी तार जर्जर अवस्था में मिलें, उन्हें बदलकर सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
पहले भी चिंगारियां उठने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित तारों में पहले भी कई बार स्पार्किंग और चिंगारियां देखी गई हैं। शनिवार को आग लगने और काफी देर तक चिंगारियां निकलने की घटना के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
अब ग्रामीणों की नजर बिजली विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द जर्जर तार नहीं बदले गए तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
नोट: खबर ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी और उनके आरोपों/दावों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित बिजली विभाग या अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।