रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP भारत NEWS, चरथावल
मुजफ्फरनगर। नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी नाजिम को नगर कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिस टीम से सामना होने पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, नाजिम और उसके साथियों पर एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ कई दिनों तक कथित रूप से यौन शोषण करने का आरोप है। मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप
पुलिस के मुताबिक, नाजिम और उसके साथियों के खिलाफ नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के गंभीर आरोप हैं।
आरोप है कि लड़की को अगवा करने के बाद कई दिनों तक उसका यौन शोषण किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
पीड़िता नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान और पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को गोपनीय रखा जाना आवश्यक है।
पुलिस से सामना होने पर फायरिंग का दावा
पुलिस का दावा है कि आरोपी नाजिम की तलाश के दौरान पुलिस टीम से उसका सामना हुआ। इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी।
इसके बाद पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
मुठभेड़ के घटनाक्रम और बरामदगी से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नगर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई
कार्रवाई नगर कोतवाली प्रभारी ब्रजेश शर्मा की टीम द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
मामले में यदि अन्य आरोपी फरार हैं तो उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहने की बात कही जा रही है।
गंभीर आरोपों की जांच जारी
नाबालिग से संबंधित मामला होने के कारण पुलिस द्वारा अपहरण और यौन अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मेडिकल, बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जाएगी।
नोट: गिरफ्तारी, मुठभेड़ और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। आरोप सिद्ध होने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।