Published By: सुहैल Tuesday, 28 Jul 2026 12:37 PM
मुजफ्फरनगर। सावन माह की पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान जहां देशभर से लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं मेरठ के दो दोस्तों ने अपनी अनोखी दोस्ती और आपसी भाईचारे से लोगों का दिल जीत लिया है। मुस्लिम युवक शाकिर अपने हिंदू मित्र मिंटू के साथ हरिद्वार से 251 लीटर की कांवड़ लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे। दोनों दोस्तों की यह यात्रा सांप्रदायिक सौहार्द, सामाजिक एकता और आपसी विश्वास का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
मेरठ निवासी शाकिर लगातार दूसरे वर्ष अपने मित्र मिंटू के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं। सिर पर टोपी और कंधों पर कांवड़ लेकर चल रहे शाकिर श्रद्धालुओं के साथ पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यात्रा पूरी कर रहे हैं। यात्रा के दौरान वे केवल अपने दोस्त का ही साथ नहीं निभा रहे, बल्कि रास्ते में मिलने वाले अन्य कांवड़ियों की सहायता करते हुए भी दिखाई दिए। उनकी यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और राहगीर भी दोनों की दोस्ती की सराहना कर रहे हैं।
शाकिर का कहना है कि इंसानियत, प्रेम और भाईचारा किसी भी धर्म से बड़ा होता है। उनका मानना है कि सभी धर्म आपसी सम्मान, सहयोग और मानवता का संदेश देते हैं। वहीं मिंटू ने कहा कि उनकी दोस्ती वर्षों पुरानी है और धर्म कभी भी उनके रिश्ते के बीच नहीं आया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और एकता का संदेश देने का भी माध्यम है।
दोनों दोस्तों के साथ चल रहे साथी कांवड़िया गौरव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को एक-दूसरे के धर्म एवं आस्था का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसी तस्वीरें सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करती हैं।
मुजफ्फरनगर से गुजर रही इस कांवड़ यात्रा के दौरान शाकिर और मिंटू की जोड़ी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी दोस्ती की सराहना की। दोनों का कहना है कि उनकी यह यात्रा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से भी है।
सावन के इस पावन अवसर पर शाकिर और मिंटू की यह पहल एक बार फिर यह संदेश देती है कि भारत की विविधता में एकता और आपसी सम्मान ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उनकी दोस्ती इस बात का उदाहरण है कि सामाजिक सौहार्द और मानवीय रिश्ते किसी भी धार्मिक पहचान से ऊपर हो सकते हैं।