मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुगाना थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां देर रात एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय पूरा परिवार मकान के अंदर सो रहा था। मकान गिरने से पूरा परिवार मलबे में दब गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। राहत टीम ने मलबे से सात लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल मिले।
मृतकों में इस्लामुद्दीन (52 वर्ष), उनका 8 माह का बेटा जीशान, 2 वर्षीय आहद, 5 वर्षीय बेटी अल्शिफ़ा और 12 वर्षीय रुखसार शामिल हैं। इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया और गांव में मातम का माहौल है।
रेस्क्यू टीम ने गंभीर रूप से घायल दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लगातार बारिश और कच्चे मकान की कमजोर संरचना के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। अचानक मकान ढहने से परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मकानों की समय-समय पर जांच और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण जैसी व्यवस्थाएं भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकती हैं।