मुजफ्फरनगर के गांव दूधली में बिजली बिल बकाया होने के कारण ग्रामीणों के विद्युत कनेक्शन काटे जाने के विरोध में किसानों और ग्रामीणों ने बिजलीघर पर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के मुताबिक कई उपभोक्ताओं पर करीब 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रति कनेक्शन तक बिजली बिल बकाया बताया गया था, जिसके बाद विद्युत विभाग की ओर से उनके कनेक्शन काट दिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कनेक्शन काटने से पहले उन्हें पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
कनेक्शन काटे जाने से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण 2 अक्टूबर 2026 को दूधली बिजलीघर पहुंचे। किसान मजदूर संगठन के युवा जिलाध्यक्ष बिल्लू राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिजलीघर परिसर में धरना शुरू कर दिया और काटे गए कनेक्शन दोबारा जोड़ने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।
धरने की जानकारी मिलने के बाद विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। संगठन के पदाधिकारियों, ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वार्ता के बाद अधिकारियों ने मौके पर काटे गए कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से दोबारा जोड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि बकाया बिजली बिल माफ किए जाने या समाप्त होने की कोई जानकारी नहीं है। कनेक्शन दोबारा जोड़ने और बकाया राशि के भुगतान से संबंधित आगे की प्रक्रिया विद्युत विभाग के नियमानुसार होने की बात है। ग्रामीणों द्वारा बिना पूर्व सूचना कनेक्शन काटे जाने का दावा उनका आरोप है; इस संबंध में विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है।
धरना-प्रदर्शन में किसान मजदूर संगठन के युवा जिलाध्यक्ष बिल्लू राणा के अलावा सौरभ पुंडीर, बलवा खेड़ी, संजू राणा और शेरपाल राणा सहित संगठन के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP Bharat News, ब्यूरो चीफ मुजफ्फरनगर