उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दोना फैक्ट्री पर आरोप लगा है कि मजदूरों को कथित रूप से करीब दो वर्षों तक बंधक बनाकर रखा गया। आरोपों के अनुसार फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इतना ही नहीं, फैक्ट्री परिसर में खुले छोड़े गए पिटबुल कुत्तों का डर दिखाकर मजदूरों को बाहर निकलने से रोका जाता था।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर बेहद भय और दबाव में जीवन बिताने को मजबूर थे। उन्हें न तो खुलकर बाहर जाने दिया जाता था और न ही किसी से संपर्क करने की स्वतंत्रता थी। मजदूरों के मुताबिक फैक्ट्री के भीतर का माहौल इतना भयावह था कि वे अपनी स्थिति किसी को बताने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब फैक्ट्री में माल लेने पहुंचे एक मजदूर को किसी तरह बाहर जाकर पूरी घटना की जानकारी देने का मौका मिला। उसके बाद यह मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंचा। जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
पुलिस और प्रशासन की टीमें फैक्ट्री में लगे आरोपों की गहन जांच कर रही हैं। मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फैक्ट्री संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह सब कैसे चलता रहा और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की जांच जारी है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।