मुजफ्फरनगर: 12 अक्टूबर को CMO ऑफिस पर धरना

Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर: 12 अक्टूबर को CMO ऑफिस पर धरना

Oct 11, 2026
0 Likes
2
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग, बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर अंकुर राणा ने किया धरना-प्रदर्शन का आह्वान; निष्पक्ष जांच और लिखित आश्वासन की मांग

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर अंकुर राणा ने आंदोलन की घोषणा करते हुए पीड़ित परिवार के समर्थन में स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है।

आयोजकों का आरोप है कि पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय की उम्मीद में संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कथित प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।

समिति ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार की मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की उनकी योजना है।

हालांकि पीड़ित परिवार से जुड़े मूल प्रकरण, संबंधित स्वास्थ्य संस्थान और आरोपों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अभी प्रमाणित नहीं मानी जा सकती।

12 अक्टूबर को CMO कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है।

आंदोलन का आह्वान बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति की ओर से किया गया है।

समिति के अध्यक्ष ठाकुर अंकुर राणा ने समर्थकों और स्थानीय नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

आयोजकों के अनुसार प्रदर्शन का उद्देश्य पीड़ित परिवार की शिकायतों की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना और न्याय की मांग को मजबूती से उठाना है।

पीड़ित परिवार के समर्थन में आंदोलन का ऐलान

समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार अपनी शिकायतों के समाधान के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है।

आयोजकों ने आरोप लगाया कि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण परिवार को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

इसी स्थिति को देखते हुए समर्थकों ने सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

हालांकि पीड़ित परिवार की शिकायत किस विशिष्ट घटना से संबंधित है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ठाकुर अंकुर राणा ने की प्रदर्शन की घोषणा

बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर अंकुर राणा ने 12 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

उन्होंने पीड़ित परिवार के समर्थन में लोगों से एकजुट होने की अपील की है।

समिति का कहना है कि पीड़ित परिवार की शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण होना चाहिए और मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

आयोजकों ने आंदोलन को न्याय की मांग से जुड़ा शांतिपूर्ण प्रयास बताया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग

प्रदर्शन के आयोजकों ने स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

समिति ने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।

हालांकि अभी किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही साबित होने संबंधी आधिकारिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने पर जोर

समिति की प्रमुख मांगों में मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच शामिल है।

आयोजकों का कहना है कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया पर भरोसा हो सके।

उन्होंने जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमानुसार उसके निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग भी की है।

समिति का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग

आंदोलन के आयोजकों ने कहा है कि केवल मौखिक आश्वासन के बजाय पीड़ित परिवार की शिकायतों के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।

समिति ने संबंधित अधिकारियों से लिखित आश्वासन देने की मांग की है।

आयोजकों के अनुसार यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते तो वे शांतिपूर्ण धरना जारी रखने की योजना रखते हैं।

हालांकि आंदोलन की वास्तविक अवधि और आगे की रणनीति परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित होगी।

धरना-प्रदर्शन की प्रमुख मांगें

बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति की ओर से उठाई गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  1. पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय: परिवार की शिकायतों की सुनवाई कर नियमानुसार न्याय सुनिश्चित किया जाए।

  2. जवाबदेही तय हो: संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए।

  3. लापरवाही मिलने पर कार्रवाई: जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।

  4. समयबद्ध जांच: मामले की पारदर्शी जांच निर्धारित समय में पूरी की जाए।

  5. जांच रिपोर्ट: कानून और गोपनीयता संबंधी प्रावधानों के अनुसार जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं।

  6. लिखित आश्वासन: पीड़ित परिवार की मांगों के निस्तारण को लेकर संबंधित अधिकारी लिखित आश्वासन दें।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से समर्थन की अपील

आंदोलन के आयोजकों ने स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों से 12 अक्टूबर को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार का समर्थन करने की अपील की है।

समिति का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परिवार की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग से भी जुड़ा है।

आयोजकों ने समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया है।

प्रशासनिक उदासीनता का लगाया आरोप

समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर लंबे समय से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

उनका कहना है कि शिकायतों का समय पर निस्तारण न होने से पीड़ित परिवार की परेशानी बढ़ रही है।

हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसलिए प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही संबंधी आरोपों की पुष्टि विभागीय रिकॉर्ड तथा संबंधित अधिकारियों के पक्ष के आधार पर ही की जा सकेगी।

शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने की तैयारी

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग उठाना है।

समिति ने समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से धरने में शामिल होने की अपील की है।

प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना भी आवश्यक होगा।

आयोजकों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

मूल प्रकरण की विस्तृत जानकारी आना बाकी

धरना-प्रदर्शन की घोषणा में पीड़ित परिवार के समर्थन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया है।

हालांकि मूल शिकायत किस घटना से संबंधित है, घटना कब हुई और किन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की गई है, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसके अतिरिक्त मामले में पूर्व में की गई विभागीय कार्रवाई और किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी भी सामने नहीं आई है।

ऐसे में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों और कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

12 अक्टूबर को उठेगी पीड़ित परिवार के इंसाफ की मांग

मुजफ्फरनगर में 12 अक्टूबर 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जाएगी।

बाबा धीर सिंह पुंडीर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर अंकुर राणा ने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।

समिति की प्रमुख मांगों में निष्पक्ष जांच, स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही, दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार की शिकायतों का समयबद्ध समाधान शामिल है।

फिलहाल धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP Bharat News, चरथावल, मुजफ्फरनगर

Share :