मुजफ्फरनगर: भारी बारिश से पावटी खुर्द में मकान की छत गिरी

Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर: भारी बारिश से पावटी खुर्द में मकान की छत धराशायी, परिवार ने भागकर बचाई जान; बाइक और घरेलू सामान क्षतिग्रस्त

Aug 24, 2026
0 Likes
1
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP भारत NEWS, चरथावल

चरथावल/मुजफ्फरनगर। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच चरथावल थाना क्षेत्र के गांव पावटी खुर्द में सोमवार सुबह एक मकान की छत अचानक धराशायी हो गई। गनीमत रही कि मकान में मौजूद परिवार के सदस्यों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घर में रखा खाने-पीने का सामान, मोटरसाइकिल और अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के मुताबिक, मकान विद्यार्थी पुत्र बलजीत सिंह का है। लगातार बारिश के कारण मकान की छत कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। सुबह अचानक छत गिरने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

परिवार ने भागकर बचाई जान

छत गिरने का आभास होते ही विद्यार्थी और उनके परिवार के सदस्य तत्काल मकान से बाहर निकल गए। कुछ ही देर में छत का हिस्सा गिर गया।

हादसे में परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। हालांकि छत गिरने के कारण परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

खाने-पीने का सामान बर्बाद, बाइक भी क्षतिग्रस्त

मलबा गिरने से मकान के अंदर रखा खाद्यान्न और अन्य घरेलू सामान बर्बाद हो गया। घर में खड़ी मोटरसाइकिल भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई।

पीड़ित परिवार के मुताबिक, मकान को हुए नुकसान के कारण उनके सामने अब आवास और घरेलू जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

सूचना पर पहुंचे मोनू त्यागी और ग्रामीण

घटना की जानकारी मिलने पर आजाद समाज पार्टी से जुड़े मोनू त्यागी, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकान और परिवार की स्थिति की जानकारी ली।

बताया गया कि मोनू त्यागी ने मामले की जानकारी राजस्व विभाग की टीम को भी दी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

बारिश के बीच जर्जर मकानों को लेकर बढ़ी चिंता

क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते पुराने और कमजोर मकानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान अन्य गांवों से भी मकानों और छतों के क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं सामने आ रही हैं।

ऐसे में प्रशासन से कमजोर एवं जर्जर मकानों का सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।

Share :