मुजफ्फरनगर: 3 साल बाद भी पानी की टंकी चालू नहीं

Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर: 3 साल बाद भी चालू नहीं हो सकी ज्ञाना माजरा राजपूतान की पानी की टंकी, टेस्टिंग में रिसाव; ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप

Sep 21, 2026
0 Likes
1
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

चरथावल/मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव ज्ञाना माजरा राजपूतान में करीब तीन वर्ष पहले बनाई गई सरकारी पानी की टंकी अब तक सुचारू रूप से चालू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिसका असर हाल में हुई टेस्टिंग के दौरान सामने आया। टंकी में पानी भरते ही कई स्थानों से रिसाव होने और गांव में बिछाई गई पाइपलाइन के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस पेयजल परियोजना से ज्ञाना माजरा राजपूतान समेत आसपास के करीब तीन गांवों में जलापूर्ति होनी थी, लेकिन पाइपलाइन का काम अधूरा होने और टंकी चालू नहीं होने से लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

टेस्टिंग के दौरान टंकी से पानी रिसने का दावा

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक करीब दो दिन पहले विभाग की ओर से टंकी में पानी भरकर परीक्षण किया गया। आरोप है कि टैंक भरने के बाद उसके निचले हिस्से और किनारों से पानी का रिसाव दिखाई देने लगा।

ग्रामीणों का दावा है कि टंकी से जुड़े कुछ हिस्सों की स्थिति भी खराब दिखाई दे रही है। हालांकि टंकी की संरचनात्मक मजबूती और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर किसी तकनीकी जांच की आधिकारिक रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।

पाइपलाइन भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बिछाई गई पाइपलाइन भी पानी का दबाव पड़ने के बाद कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। उनका कहना है कि अभी पाइपलाइन का काम भी पूरी तरह नहीं हुआ है और घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

लोगों का कहना है कि जिस परियोजना से क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर होने की उम्मीद थी, उसके तीन वर्ष बाद भी चालू नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

ग्रामीणों ने टंकी और पाइपलाइन के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसके कारण टेस्टिंग के दौरान ही खामियां सामने आने लगीं।

हालांकि निर्माण में भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या सरकारी धन की अनियमितता के आरोपों की अभी किसी सक्षम एजेंसी की जांच से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित ठेकेदार अथवा विभागीय अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।

हादसे की आशंका जताकर जांच की मांग

टंकी से कथित रिसाव को लेकर आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन को तकनीकी विशेषज्ञों से टंकी की मजबूती और सुरक्षा की जांच करानी चाहिए, ताकि किसी संभावित खतरे की स्थिति स्पष्ट हो सके।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने, कमियां मिलने पर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

इसके साथ ही अधूरी पाइपलाइन को पूरा कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने और तकनीकी रूप से सुरक्षित पाए जाने के बाद पेयजल टंकी को जल्द चालू कराने की मांग की गई है।

रिपोर्टर: अनिल पुंडीर, NHP भारत NEWS, चरथावल-मुजफ्फरनगर

Share :