मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र स्थित एक गौशाला को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में संरक्षित गायों को कई दिनों से पड़ा सूखा, गीला और सड़ा हुआ चारा खिलाया जा रहा है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों के अनुसार, गौशाला के बाहर कई दिनों तक चारा खुले में पड़ा रहता है। उनका आरोप है कि बाद में उसी चारे को काटकर गायों को खिलाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में चारा सड़ने और बदबू आने के बावजूद उसका उपयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों का यह भी दावा है कि गौशाला में ताजा हरे चारे और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि पशुओं को स्वच्छ और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में ऐसा नहीं हो रहा है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि गौशाला की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशालाओं के संचालन का उद्देश्य निराश्रित गोवंश की उचित देखभाल और संरक्षण है। इसलिए पशुओं को स्वच्छ भोजन, पर्याप्त चारा और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
फिलहाल इस संबंध में संबंधित विभाग या गौशाला प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नोट: सड़ा हुआ चारा खिलाने और चारा व्यवस्था में लापरवाही संबंधी आरोप स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट: अनिल पुंडीर