चरथावल/मुजफ्फरनगर। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव बिरालसी में बनाया गया लाइब्रेरी भवन बदहाली का शिकार हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आधुनिक भवन काफी समय पहले बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन लाइब्रेरी का नियमित संचालन नहीं होने के कारण युवाओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकें, अध्ययन सामग्री, बैठने के लिए जरूरी फर्नीचर और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। परिसर की देखरेख नहीं होने के कारण आसपास घास-फूस उग आई है, जिससे तैयार भवन भी बदहाल दिखाई देने लगा है।
भवन तैयार, लेकिन पढ़ने की सुविधाओं का इंतजार
चरथावल थाना क्षेत्र के बिरालसी गांव में स्थित लाइब्रेरी को लेकर स्थानीय युवाओं का कहना है कि केवल भवन तैयार हो जाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसे नियमित रूप से संचालित करने के साथ पर्याप्त किताबें और अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
ग्रामीणों के मुताबिक लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें, सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, उच्च शिक्षा से जुड़ी अध्ययन सामग्री और अन्य उपयोगी पुस्तकों की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
दूसरे कस्बों और शहरों में जाने को मजबूर युवा
गांव के युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए उन्हें दूसरे कस्बों और शहरों की लाइब्रेरी का सहारा लेना पड़ता है। इससे छात्रों को आने-जाने में अतिरिक्त समय खर्च करने के साथ आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है।
युवाओं का कहना है कि यदि बिरालसी की लाइब्रेरी को सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ नियमित रूप से संचालित किया जाए तो गांव में ही उन्हें शांत और व्यवस्थित माहौल में पढ़ाई करने की सुविधा मिल सकेगी।
परिसर में उगी घास, ग्रामीणों ने बदहाली पर जताई चिंता
स्थानीय लोगों के मुताबिक काफी समय से भवन तैयार होने के बावजूद उचित देखरेख के अभाव में लाइब्रेरी परिसर में घास-फूस उग आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन को गांव के युवाओं की पढ़ाई और भविष्य के लिए उपयोगी बनाया जाना था, वह संचालन के अभाव में धीरे-धीरे बदहाली की ओर बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि समय रहते इसकी देखरेख और संचालन शुरू नहीं हुआ तो सरकारी धन खर्च करके बनाया गया भवन अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगा।
“शोपीस नहीं, युवाओं के भविष्य का केंद्र बने लाइब्रेरी”
ग्रामीणों और युवाओं ने शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि लाइब्रेरी में जल्द से जल्द आवश्यक पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री, टेबल-कुर्सियां, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके साथ ही लाइब्रेरी के नियमित संचालन और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि गांव के बच्चों और युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि इसे सही तरीके से संचालित किया जाए तो बिरालसी के साथ आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
अब ग्रामीणों की निगाह शासन-प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर है कि युवाओं की इस मांग पर कब ध्यान दिया जाता है और तैयार लाइब्रेरी भवन को वास्तविक रूप से अध्ययन केंद्र के रूप में कब संचालित किया जाता है।
रिपोर्ट: अनिल पुंडीर
NHP Bharat News, चरथावल