तालाब के चारों ओर बाउंड्री न होने से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों का दावा- कई बार अधिकारियों, ग्राम प्रधान और सचिव से की शिकायत लेकिन नहीं हुआ समाधान; सांप-बिच्छू घरों में घुसने का भी खतरा
रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP भारत NEWS, चरथावल
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बिरालसी की बाल्मीकि बस्ती में भारी बारिश के बाद जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के पास स्थित तालाब के चारों ओर बाउंड्री न होने के कारण बारिश के समय तालाब का गंदा पानी उनके घरों में घुस जाता है। लगातार समस्या का सामना कर रहे ग्रामीणों में इसे लेकर भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बारिश बढ़ने के साथ ही तालाब का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है।
घरों में घुसा तालाब का पानी, घरेलू सामान भी हो रहा खराब
बाल्मीकि बस्ती के लोगों के मुताबिक भारी बारिश के दौरान तालाब का गंदा पानी घरों में प्रवेश कर जाता है। इससे घरों में रखा खाने-पीने का सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं खराब हो जाती हैं। जलभराव के कारण लोगों का घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या नई नहीं है। बरसात के मौसम में उन्हें बार-बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। तालाब के चारों ओर सुरक्षित बाउंड्री और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने को ग्रामीण समस्या का प्रमुख कारण बता रहे हैं।
ग्रामीण का दावा- बारिश में मकान की छत भी गिरी
बस्ती के ग्रामीणों का कहना है कि भारी बारिश के चलते एक मकान की छत तक गिर गई। प्रभावित लोगों के मुताबिक बारिश से बचने के लिए उन्हें खुले मैदान में पन्नी डालकर रहने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के कारण जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है, उनका सर्वे कराया जाए और पात्र प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत आवास एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
'बच्चों को मकान की छत पर सुलाने तक की आ जाती है नौबत'
बाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि कई बार बारिश इतनी अधिक हो जाती है कि तालाब का पानी बस्ती में तेजी से भरने लगता है। जलस्तर बढ़ने पर घरों के अंदर रहना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का दावा है कि कभी-कभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें मकान की छत पर सुलाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि हर बार बारिश होने पर उन्हें अपने बच्चों, घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगती है।
सांप-बिच्छू घरों में घुसने का खतरा, ग्रामीणों में दहशत
पूर्व ग्राम प्रधान पूर्ण सिंह की पत्नी ने बताया कि बरसात के दिनों में तालाब में अधिक पानी भरने के बाद सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव भी घरों में घुस आते हैं। इससे बस्ती के लोगों, खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
तालाब के चारों ओर चारदीवारी बनवाने की मांग
बाल्मीकि बस्ती के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तालाब के चारों ओर चारदीवारी बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की सुरक्षा व्यवस्था और पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम किए जाने चाहिए, जिससे बारिश के दौरान तालाब का पानी आबादी में न पहुंचे।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग की कि जिन परिवारों के मकानों को बारिश से नुकसान हुआ है, उनकी स्थिति की जांच कर आवश्यक सहायता दी जाए। जिन पात्र परिवारों के पास रहने के लिए सुरक्षित मकान नहीं हैं, उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।
कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों, ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के सामने फरियाद कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका।
बाल्मीकि बस्ती के लोगों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने, तालाब के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनवाने और बारिश से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
नोट: खबर में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप और बताए गए हालात उनके कथन पर आधारित हैं। संबंधित प्रशासनिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।