चरथावल, मुजफ्फरनगर। रिपोर्ट: अनिल पुंडीर। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच चरथावल थाना क्षेत्र के गांव बिरालसी में तीन दिवसीय शिव शक्ति कांवड़ शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर शुरू होने के साथ ही हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रहे कांवड़ियों का यहां पहुंचना शुरू हो गया। शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर में भंडारे सहित विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
आयोजन समिति और स्थानीय शिवभक्तों की ओर से कांवड़ियों का स्वागत कर उन्हें भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में सेवा कार्य से जुड़े लोग लगातार व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं।
तीन दिनों तक लगातार चलेगा भंडारा
शिव शक्ति कांवड़ शिविर में कांवड़ियों के लिए लगातार तीन दिनों तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हरिद्वार से लंबी दूरी तय कर आ रहे शिवभक्त यहां विश्राम करने के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।
आयोजकों की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का स्वागत
सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में शिवभक्त उत्तराखंड के हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट रहे हैं। बिरालसी स्थित शिव शक्ति कांवड़ शिविर में पहुंचने वाले कांवड़ियों का स्थानीय शिवभक्तों द्वारा स्वागत किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने शिविर में पहुंचने वाले सभी कांवड़ियों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
शिवभक्ति के रंग में रंगा बिरालसी
सावन माह को भगवान शिव की आराधना का विशेष महीना माना जाता है। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था, श्रद्धा और उत्साह देखने को मिल रहा है।
बिरालसी में भी कांवड़ियों के आगमन के साथ धार्मिक माहौल बना हुआ है। सेवा में जुटे शिवभक्त श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद उपलब्ध कराने के साथ अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
कांवड़ियों की सेवा में जुटे शिवभक्त
शिविर में कांवड़ियों की सेवा और व्यवस्थाओं में पदम पुंडीर, दीपक राणा, जॉनी पुंडीर, सुनील पुंडीर, संजू उपाध्याय, श्रीकांत उपाध्याय, मास्टर विनोद कुमार, संदीप पुंडीर उर्फ शेट्टी, अमर सिंह राणा और अनिल पुंडीर सहित अन्य शिवभक्त सहयोग कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय शिविर के दौरान भंडारे और कांवड़ियों की सेवा का क्रम लगातार जारी रहेगा।
रिपोर्टर: अनिल पुंडीर