मथुरा/वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह वृंदावन में श्री हित राधा केली कुंज से संबंधित गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे। पुलिस की शुरुआती जांच में उनके चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरने की बात सामने आई है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
घटना को लेकर पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। पुलिस प्रथम दृष्टया स्वयं चौथी मंजिल से कूदने के पहलू को देख रही है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
जबलपुर के रहने वाले थे दीपक लोधी
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और वृंदावन में केली कुंज से संबंधित गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे।
घटना के बाद उन्हें गंभीर अवस्था में सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद वृंदावन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
चौथी मंजिल से गिरने की जांच कर रही पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में दीपक लोधी के चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया स्वयं कूदने की आशंका की जांच की जा रही है।
हालांकि मौत की वास्तविक परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
निजी अंग पर गंभीर चोट की भी रिपोर्ट
मामले को गंभीर बनाने वाला एक अन्य पहलू मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशान हैं। मीडिया रिपोर्टों में निजी अंग पर गंभीर कटने की चोट होने की बात सामने आई है। यह चोट कैसे लगी, इस संबंध में अभी जांच जारी है।
ऐसे में चोट के कारण या घटना की परिस्थितियों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलने के बाद वृंदावन पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मौत की परिस्थितियों तथा शरीर पर मिली चोटों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आने तक इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के रूप में ही देखा जाना उचित होगा।