मथुरा। महिला बैंककर्मी को कथित रूप से आपत्तिजनक व्हाट्सऐप संदेश भेजने, पीछा करने और परेशान करने के मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े डॉ. राजन रिजवी के खिलाफ शहर कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 समेत संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा ने भी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजन रिजवी को संगठन में उनके प्रदेश स्तरीय पद से हटा दिया गया है।
बैंक ग्राहक के रूप में संपर्क में आने का दावा
महिला बैंककर्मी की शिकायत के मुताबिक राजन रिजवी बैंक ग्राहक के रूप में उनके संपर्क में आए थे। महिला का आरोप है कि उनका निजी मोबाइल नंबर बिना अनुमति हासिल किया गया और बाद में उस पर लगातार आपत्तिजनक संदेश भेजे गए।
शिकायत में पीछा करने, बार-बार संपर्क करने और महिला व उसके परिवार की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
‘सरकार बनी तो IAS बनवाने की कोशिश करूंगा’ वाली चैट चर्चा में
मामले से जुड़ी कथित व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए हैं। इनमें राजन रिजवी की ओर से कथित तौर पर महिला को यह संदेश भेजने की बात सामने आई कि भविष्य में सपा की सरकार बनने पर वह उसे मुख्यमंत्री कोटे से प्रतिनियुक्ति के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करेंगे।
हालांकि वायरल स्क्रीनशॉट और उनसे जुड़े संदर्भ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का हिस्सा हैं। इनकी प्रामाणिकता और कानूनी महत्व का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
IT Act की धारा 67 के तहत मुकदमा
मथुरा पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत पर शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार FIR 15 सितंबर 2026 को दर्ज हुई और इसमें IT Act की धारा 67 लगाई गई है, जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रसारित करने से संबंधित प्रावधान है।
पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। महिला की ओर से CCTV फुटेज, चैट स्क्रीनशॉट और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की मांग भी की गई है।
सपा ने संगठन के पद से हटाया
मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा ने राजन रिजवी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें प्रदेश स्तरीय पद से हटा दिया गया है।
फिलहाल राजन रिजवी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। FIR दर्ज होना आरोपों के सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं है और मामले में अंतिम तथ्य पुलिस विवेचना तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।