मथुरा/बरसाना। राधारानी की नगरी बरसाना में 18 और 19 सितंबर को होने वाले राधाष्टमी महोत्सव को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक आयोजन के दौरान प्रदेश के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 30 से 35 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और आपातकालीन व्यवस्थाओं का विस्तृत प्लान तैयार किया गया है।
वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। राधाष्टमी के लिए बरसाना मेला क्षेत्र में 38 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां भीड़ को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से दर्शन के लिए आगे भेजा जाएगा।
श्रीजी गेट और पीली कोठी की ओर से मिलेगा प्रवेश
प्रशासन की व्यवस्था के मुताबिक इस बार श्रद्धालुओं को श्रीजी गेट और पीली कोठी की तरफ से मुख्य श्रीजी मंदिर प्रांगण की ओर भेजने की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं के निकास के लिए जयपुर मंदिर की तरफ एकल दिशा वाला मार्ग निर्धारित किया गया है। मंदिर की बड़ी सीढ़ियों से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था है, जबकि आपात स्थिति के लिए दो अन्य सीढ़ियों को सुरक्षित रखा गया है।
38 होल्डिंग एरिया, सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से निगरानी
भीड़ प्रबंधन के लिए कुल 38 होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक सैकड़ों CCTV कैमरों के जरिए अलग-अलग लोकेशन की निगरानी की जाएगी और इसका समन्वय PWD गेस्ट हाउस में बनाए गए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त तीन लोकेशन से ड्रोन के जरिए भी मेला क्षेत्र और श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखने की व्यवस्था की गई है।
करीब 3000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
राधाष्टमी महोत्सव की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा साझा जानकारी के अनुसार 8 अपर पुलिस अधीक्षक, दर्जनों क्षेत्राधिकारी और करीब 3000 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
मेला क्षेत्र में सादा वस्त्रों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पांच एंटी-रोमियो स्क्वॉड लगाए जाने की व्यवस्था है।
स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए पास और निर्धारित समय
बरसाना के स्थानीय नागरिकों के लिए भी अलग व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन के अनुसार स्थानीय श्रद्धालुओं को पहचान सत्यापन के बाद पास जारी किए जाएंगे और दर्शन के लिए उन्हें एक निर्धारित समय दिया जाएगा।
निर्धारित समय में ही पासधारक स्थानीय श्रद्धालुओं को संबंधित क्षेत्र में प्रवेश देने की योजना है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सामान्य मेला एवं दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी।
थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन की व्यवस्था
प्रशासन ने थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं को भी सामान्य कतार व्यवस्था के तहत दर्शन कराने की बात कही है। पुलिस का जोर यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि मेला क्षेत्र में सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से दर्शन का अवसर मिले तथा किसी को असुविधा न हो।
10 स्थानों पर एंबुलेंस और फायर टीमें
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 स्थानों पर एंबुलेंस और 10 स्थानों पर अग्निशमन टीमों को तैनात करने की व्यवस्था की गई है। श्रीजी मंदिर परिसर में पोर्टेबल अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे।
आयोजन से एक दिन पहले आपातकालीन सेवाओं का ड्राई रन कराया जाएगा। इसमें एंबुलेंस, अग्निशमन और अन्य इमरजेंसी वाहनों के आवागमन की व्यवस्था को परखा जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन पर फोकस
राधाष्टमी को लेकर प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराना है। पूर्व तैयारियों में मेला क्षेत्र को सात जोन और 20 सेक्टर में बांटने, 38 होल्डिंग एरिया और 50 पार्किंग स्थल बनाने की व्यवस्था भी सामने आई है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को एक दिशा में संचालित करने और भीड़ का दबाव बढ़ने पर होल्डिंग एरिया के माध्यम से चरणबद्ध प्रवेश कराने की योजना बनाई गई है।