मथुरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, मथुरा ने ई-रिक्शा चालक अमित पाल की हत्या और ई-रिक्शा लूट से जुड़े बीमा क्लेम के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। आयोग ने संबंधित बीमा कंपनी को मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने बीमा राशि के अतिरिक्त मानसिक पीड़ा के लिए 30 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है।
27 नवंबर 2023 को हुई थी अमित पाल की हत्या
मामला 27 नवंबर 2023 की घटना से जुड़ा है। मामले के अनुसार ई-रिक्शा चालक अमित पाल की हत्या कर उनका ई-रिक्शा लूट लिया गया था। पुलिस जांच के दौरान ई-रिक्शा बरामद किया गया और मामले में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अमित पाल की मौत के बाद उनके परिवार ने बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम की प्रक्रिया शुरू की थी।
पत्नी ने नाबालिग बेटियों और सास के साथ दाखिल किया परिवाद
मृतक की पत्नी आरती ने अपनी नाबालिग पुत्रियों और सास के साथ बीमा राशि के भुगतान के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया।
बीमा कंपनी की ओर से क्लेम पर आपत्ति जताए जाने के बाद आयोग ने दोनों पक्षों को सुनते हुए उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों पर विचार किया।
₹15 लाख बीमा राशि के साथ ₹45 हजार अतिरिक्त देने का आदेश
सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी को 15 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा परिवार को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 30 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 15 हजार रुपये देने का आदेश भी दिया गया।
इस तरह बीमा राशि के अतिरिक्त परिवार को 45 हजार रुपये और दिए जाने हैं।
समय पर भुगतान नहीं हुआ तो बढ़ सकती है ब्याज दर
आयोग के आदेश के मुताबिक निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में देय राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होने का प्रावधान रखा गया है।
यह फैसला बीमा क्लेम से जुड़े विवाद में आया है। मामले में हत्या के आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित आपराधिक न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।