करहल/मैनपुरी। करहल में इस वर्ष रामलीला महोत्सव का शुभारंभ 7 अक्टूबर को गणेश पूजन के साथ किया जाएगा। आयोजन को भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रामलीला समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महोत्सव में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन होगा, जबकि धार्मिक कार्यक्रमों के साथ प्रतियोगिताएं और प्रतिभा सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
रामलीला समिति के सचिव नितिन चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यक्रमों का सिलसिला 29 अक्टूबर तक चलेगा। 20 अक्टूबर को विजय दशमी, 21 अक्टूबर को भरत मिलाप और 25 अक्टूबर को राज्याभिषेक का आयोजन प्रमुख आकर्षण रहेगा।
7 अक्टूबर को गणेश पूजन से होगा शुभारंभ
रामलीला महोत्सव की शुरुआत 7 अक्टूबर को विधि-विधान से गणेश पूजन के साथ होगी। इसके बाद प्रतिदिन रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
समिति के अनुसार 8 अक्टूबर को शिव विवाह, 9 अक्टूबर को राम-जानकी जन्म, 10 अक्टूबर को विश्वामित्र जी की यज्ञरक्षा, 11 अक्टूबर को ताड़का वध और 12 अक्टूबर को अहिल्या उद्धार का मंचन होगा।
धनुष भंग से राम विवाह तक होंगे विशेष आयोजन
13 अक्टूबर को सीता जी के पुष्प वाटिका प्रसंग का मंचन होगा। 14 अक्टूबर को धनुष भंग, 15 अक्टूबर को परशुराम-लक्ष्मण संवाद और 16 अक्टूबर को राम विवाह आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद 17 अक्टूबर को सीता हरण, 18 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति और 19 अक्टूबर को मेघनाद वध का मंचन प्रस्तावित है।
20 अक्टूबर को विजय दशमी, अगले दिन भरत मिलाप
रामलीला महोत्सव में 20 अक्टूबर को विजय दशमी का आयोजन होगा। इसके अगले दिन 21 अक्टूबर को भरत मिलाप का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
22 और 23 अक्टूबर को नगर भ्रमण होगा, जबकि 25 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन किया जाएगा।
प्रतियोगिताओं के बाद होगा प्रतिभाओं का सम्मान
धार्मिक आयोजनों के साथ समिति ने अन्य कार्यक्रमों को भी शामिल किया है। 26 अक्टूबर को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी और 27 अक्टूबर को प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
महोत्सव का 29 अक्टूबर को आधिकारिक प्रदर्शनी के साथ समापन किया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों में जुटी रामलीला समिति
रामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में अमर सिंह यादव, लाल सिंह वर्मा, सुभाष यादव, मृदुल मिश्रा, जीतू पांडेय और भानू यादव समेत समिति से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
समिति का कहना है कि आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मंच, दर्शक व्यवस्था और कार्यक्रमों से जुड़ी तैयारियां की जा रही हैं।
प्रमुख कार्यक्रम
7 अक्टूबर – गणेश पूजन एवं शुभारंभ
8 अक्टूबर – शिव विवाह
9 अक्टूबर – राम-जानकी जन्म
10 अक्टूबर – विश्वामित्र जी की यज्ञरक्षा
11 अक्टूबर – ताड़का वध
12 अक्टूबर – अहिल्या उद्धार
13 अक्टूबर – सीता जी का पुष्प वाटिका प्रसंग
14 अक्टूबर – धनुष भंग
15 अक्टूबर – परशुराम-लक्ष्मण संवाद
16 अक्टूबर – राम विवाह
17 अक्टूबर – सीता हरण
18 अक्टूबर – लक्ष्मण शक्ति
19 अक्टूबर – मेघनाद वध
20 अक्टूबर – विजय दशमी
21 अक्टूबर – भरत मिलाप
22-23 अक्टूबर – नगर भ्रमण
25 अक्टूबर – राज्याभिषेक
26 अक्टूबर – विभिन्न प्रतियोगिताएं
27 अक्टूबर – प्रतिभा सम्मान समारोह
29 अक्टूबर – आधिकारिक प्रदर्शनी एवं समापन