किशनी/मैनपुरी। तहसील किशनी क्षेत्र के ग्राम समान कटरा निवासी सनवीर पुत्र बालकराम ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ लोगों पर पौधे उखाड़ने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सनवीर के मुताबिक उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मौजा समान कटरा की आराजी गाटा संख्या 6118 में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पौधे लगाए थे। आरोप है कि अधिकारियों के वहां से जाने के बाद कुछ लोगों ने पौधे उखाड़ दिए और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की।
SDM और तहसील अधिकारियों की मौजूदगी में पौधे लगाने का दावा
जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में सनवीर ने बताया कि गाटा संख्या 6118 में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पौधरोपण किया गया था।
उनका दावा है कि पौधरोपण अभियान पूरा होने और अधिकारियों के वापस जाने के बाद विवाद शुरू हुआ।
पौधे उखाड़ने और विरोध करने पर पीटने का आरोप
सनवीर ने अपने शिकायती पत्र में जिलेदार, स्किन, फिस्सल, गब्बर और विक्रम नामक व्यक्तियों पर पौधे उखाड़ने का आरोप लगाया है।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने पौधों को उखाड़ने का विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
किशनी पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
सनवीर का आरोप है कि मारपीट के बाद वह शिकायत लेकर किशनी थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई करने के बजाय दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई कर दी।
पीड़ित के मुताबिक उसका भी धारा 151 के तहत चालान किया गया। उसने दावा किया कि पुलिस की इस कार्रवाई पर नायब तहसीलदार ने भी आपत्ति जताई थी। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारी के बयान से होना बाकी है।
जमानत के बाद जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
जमानत पर बाहर आने के बाद सनवीर ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित का कहना है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से वह असुरक्षित महसूस कर रहा है। उसने पौधे उखाड़ने और मारपीट के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल आरोपित पक्ष और किशनी पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।