मुजफ्फरनगर: ग्रीन अस्पताल प्रकरण में करणी सेना ने CMO से की मुलाकात

Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर: ग्रीन अस्पताल प्रकरण में करणी सेना ने CMO से की मुलाकात

Oct 13, 2026
0 Likes
1
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

बुढ़ाना के ग्रीन अस्पताल प्रकरण में अखिल भारतीय करणी सेना ने खोला मोर्चा, CMO से मुलाकात कर की सख्त कार्रवाई की मांग

संगठन की प्रेस विज्ञप्ति में दावा—ग्रीन अस्पताल की आयुष्मान भारत योजना से संबद्धता समाप्त, अस्पताल सील; डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के खिलाफ 48 घंटे के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन

मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। जनपद मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में स्थित ग्रीन अस्पताल से जुड़े प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय करणी सेना ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से मुलाकात कर अस्पताल से संबंधित मामले को गंभीरता से उठाया और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

अखिल भारतीय करणी सेना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि ग्रीन अस्पताल की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संबद्धता समाप्त कर दी गई है और अस्पताल को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया है।

संगठन ने यह भी दावा किया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के विरुद्ध 48 घंटे के भीतर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।

हालांकि अस्पताल की सीलिंग, आयुष्मान भारत योजना से संबद्धता समाप्त किए जाने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ये जानकारियां फिलहाल संगठन की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं।

ग्रीन अस्पताल प्रकरण को लेकर CMO से मिला प्रतिनिधिमंडल

अखिल भारतीय करणी सेना के पदाधिकारियों ने बुढ़ाना स्थित ग्रीन अस्पताल से जुड़े मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात की।

संगठन के प्रतिनिधियों ने अस्पताल से संबंधित शिकायतों और उठ रहे सवालों पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।

पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।

उनका कहना था कि यदि किसी अस्पताल या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही अथवा अनियमितता जांच में सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि प्रेस विज्ञप्ति में अस्पताल से संबंधित मूल घटना, शिकायत की तारीख और कथित अनियमितताओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

आयुष्मान भारत योजना से संबद्धता समाप्त होने का दावा

संगठन की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को ग्रीन अस्पताल की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संबद्धता समाप्त किए जाने की जानकारी दी।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को संबद्ध अस्पतालों में निर्धारित शर्तों के अनुसार उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।

किसी अस्पताल की योजना से संबद्धता समाप्त होने की स्थिति में संबंधित आदेश और प्रभावी तारीख महत्वपूर्ण होते हैं।

फिलहाल ग्रीन अस्पताल की संबद्धता समाप्त किए जाने से संबंधित आधिकारिक आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं है।

इसलिए स्वास्थ्य विभाग अथवा योजना के सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद ही इस कार्रवाई की प्रशासनिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

अस्पताल को अग्रिम आदेश तक सील किए जाने की जानकारी

अखिल भारतीय करणी सेना ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि ग्रीन अस्पताल को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया है।

संगठन के अनुसार यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हुई मुलाकात के दौरान दी गई।

हालांकि अस्पताल की सीलिंग से संबंधित आदेश, कार्रवाई की तारीख और सीलिंग के कारणों का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की लिखित कार्रवाई रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग

संगठन ने प्रकरण में डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के नामों का उल्लेख करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

हालांकि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों, उनकी भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों का विवरण प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट नहीं है।

इन व्यक्तियों की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।

48 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन

अखिल भारतीय करणी सेना ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हुई मुलाकात के दौरान मामले में 48 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

संगठन ने कहा कि वह निर्धारित समयसीमा में होने वाली कार्रवाई पर नजर रखेगा।

पदाधिकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

हालांकि प्रेस विज्ञप्ति में CMO से मुलाकात की सटीक तारीख नहीं दी गई है। इसलिए 48 घंटे की समयसीमा किस दिन और समय समाप्त होगी, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

मरीजों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: करणी सेना

अखिल भारतीय करणी सेना ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन और विश्वास से जुड़ी होती हैं।

संगठन के अनुसार अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों का पालन, मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्थान की लापरवाही, अनियमितता अथवा मरीजों के अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग

अखिल भारतीय करणी सेना ने प्रशासन से पूरे ग्रीन अस्पताल प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि जांच में सभी संबंधित दस्तावेजों, शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति या संस्थान की जिम्मेदारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ लागू कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने यह भी मांग की कि मामले में प्रभावित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर दिया जोर

करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण महत्वपूर्ण है।

उनके अनुसार अस्पतालों की कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों में संबंधित विभाग को निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।

संगठन ने मांग की कि ग्रीन अस्पताल प्रकरण में हुई या प्रस्तावित कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए।

इसके साथ ही विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए।

निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति

अखिल भारतीय करणी सेना ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में सभी कदम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाए जाएंगे।

संगठन का कहना है कि वह जनहित, न्याय और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा।

बैठक में कई जिलों के पदाधिकारी रहे मौजूद

मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय करणी सेना के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • ठाकुर रामचरण सिंह पुंडीर — क्षेत्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय करणी सेना

  • अमित राणा — जिलाध्यक्ष, शामली

  • हंसराज चौहान — युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष, शामली

  • अमित शर्मा — जिला कोषाध्यक्ष, शामली

  • राहुल सिंह पुंडीर — जिला कार्यकारी अध्यक्ष, मुजफ्फरनगर

  • अजय सिंह पुंडीर — युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष, मुजफ्फरनगर

इसके अतिरिक्त संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

ग्रीन अस्पताल प्रकरण में किन तथ्यों की पुष्टि आवश्यक?

मामले की प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।

इनमें अस्पताल के खिलाफ प्राप्त शिकायत की प्रकृति, स्वास्थ्य विभाग की जांच, अस्पताल को सील करने का आदेश और आयुष्मान भारत योजना से संबद्धता समाप्त किए जाने का रिकॉर्ड शामिल है।

इसके अतिरिक्त डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई का आधार तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।

इन दस्तावेजों और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण

ग्रीन अस्पताल से संबंधित प्रकरण में अखिल भारतीय करणी सेना की प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर संगठन की मांगें और दावे सामने आए हैं।

हालांकि अस्पताल प्रबंधन, डॉ. जाकिर राणा, अबुबक्र और स्वास्थ्य विभाग की स्वतंत्र आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

इन पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने पर मामले को अधिक स्पष्टता और संतुलन के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा।

कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रशासनिक स्थिति पर नजर

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित ग्रीन अस्पताल से जुड़े मामले में अखिल भारतीय करणी सेना ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात कर मामले को उठाया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अस्पताल की आयुष्मान भारत योजना से संबद्धता समाप्त होने और अस्पताल को सील किए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही डॉ. जाकिर राणा और अबुबक्र के खिलाफ 48 घंटे के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन मिलने का दावा किया गया है।

फिलहाल इन प्रशासनिक कार्रवाइयों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित आदेशों और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | चरथावल, मुजफ्फरनगर | NHP Bharat News

Share :