लखनऊ: विधानसभा घेराव से पहले रोके गए कोटेदार

Lucknow

लखनऊ में विधानसभा घेराव से पहले रोके गए प्रदेशभर के कोटेदार, अगस्त में राशन वितरण रोकने की चेतावनी

Jul 28, 2026
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कोटेदार मंगलवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ पहुंचे। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के बैनर तले जुटे कोटेदारों ने चारबाग से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। हालांकि, विधानसभा की ओर बढ़ने से पहले ही पुलिस ने चारबाग क्षेत्र में उन्हें रोक दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया और बाद में सभी को बसों के माध्यम से इको गार्डन भेज दिया गया।

कोटेदारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो अगस्त महीने में पूरे उत्तर प्रदेश में राशन वितरण प्रभावित हो सकता है। संगठन का दावा है कि इस संबंध में पहले ही विभिन्न जिलों में बैठकें कर आंदोलन की रूपरेखा तय की जा चुकी है।

कोटेदारों की प्रमुख मांगों में लाभांश (कमीशन) को बढ़ाकर ₹200 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग सबसे अहम है। उनका कहना है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में प्रति क्विंटल केवल ₹90 का लाभांश दिया जाता है, जो बढ़ती महंगाई और संचालन खर्च के मुकाबले बेहद कम है। उनका दावा है कि हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में ₹200 प्रति क्विंटल, जबकि गोवा में ₹230 प्रति क्विंटल तक लाभांश दिया जाता है। वहीं गुजरात में कोटेदारों के लिए न्यूनतम आय गारंटी जैसी व्यवस्था भी लागू है।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारी कोटेदारों ने कोरोना काल (नवंबर 2021) के दौरान किए गए मुफ्त राशन वितरण का बकाया भुगतान, बाजार मूल्य पर वितरित खाद्यान्न की लंबित फंडिंग और गेहूं खरीद के दौरान जमा कराई गई खाली बोरियों का भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित भुगतान के कारण आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कम कमीशन के कारण कोटेदारों के लिए दुकान संचालन और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश में भी गुजरात, तमिलनाडु और केरल की तर्ज पर कोटेदारों को नियमित मानदेय दिया जाए, ताकि वे बढ़ती महंगाई के बीच सम्मानजनक ढंग से अपना कार्य कर सकें।

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और संबंधित विभाग ने समय रहते उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो अगस्त में राशन वितरण रोकने जैसा बड़ा कदम उठाया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इस चेतावनी पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और उन्हें निर्धारित प्रदर्शन स्थल इको गार्डन भेज दिया। अब कोटेदारों और सरकार के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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यूपी न्यूजपुलिस कार्रवाईताजा खबर
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