लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ–कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उद्घाटन के महज 12 दिन बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने की खबर सामने आई है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद सड़क के एक हिस्से के धंसने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। सड़क धंसने की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही सामने आई समस्या
बताया जा रहा है कि सड़क के एक हिस्से में अचानक धंसाव दिखाई दिया। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। एहतियात के तौर पर प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धंसाव किस कारण हुआ।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि धंसाव केवल सड़क की सतह तक सीमित है या संरचना के अन्य हिस्सों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। तकनीकी जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जिस परियोजना को आधुनिक इंजीनियरिंग का उदाहरण बताया गया था, उसमें उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद ऐसी स्थिति क्यों बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत तकनीकी जांच आवश्यक है।
यदि जांच में निर्माण संबंधी खामियां या लापरवाही सामने आती हैं, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों की जांच शुरू
सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण शुरू किया। धंसे हुए हिस्से की तकनीकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि धंसाव की वास्तविक वजह क्या थी और मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि यदि कहीं भी सड़क की गुणवत्ता या सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नोट: सड़क धंसने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल घटना की जांच जारी है।