उत्तर प्रदेश में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आंदोलन का रुख अपनाया है। शनिवार को सदर तहसील के लेखपालों ने तहसील अध्यक्ष अमित दीक्षित और मंत्री बृजेश वर्मा के नेतृत्व में एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा के परिणाम और विभिन्न भत्तों समेत कई मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो 17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे और उन्होंने लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
लेखपालों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना और अंतर मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करना शामिल है। संघ का कहना है कि स्थानांतरण संबंधी व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लेखपाल लंबे समय से परेशान हैं। इसके साथ ही लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और समय से विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की गई।
संघ ने वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित करने का मुद्दा भी उठाया। लेखपालों का कहना है कि परीक्षा में शामिल कर्मचारियों का परिणाम घोषित कर आवश्यक विभागीय प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि उनकी सेवा संबंधी स्थिति स्पष्ट हो सके।
आर्थिक सुविधाओं से जुड़ी मांगों में लेखपालों ने मौजूदा स्टेशनरी भत्ते को ₹100 से बढ़ाकर ₹500 करने की मांग की है। इसके अलावा नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर ₹1,500 वाहन भत्ता दिए जाने की मांग रखी गई। लेखपालों का कहना है कि फील्ड में लगातार भ्रमण और सरकारी कार्यों के कारण वर्तमान भत्ते पर्याप्त नहीं हैं।
लेखपाल संघ ने ग्राम सचिवालयों में ड्यूटी को लेकर भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। संघ का कहना है कि पर्याप्त सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के बिना ग्राम सचिवालयों में ड्यूटी लगाने से कर्मचारियों को व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ड्यूटी से पहले आवश्यक संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डिजिटल होती राजस्व व्यवस्था को देखते हुए संघ ने लेखपाल के पद को टेक्निकल पद घोषित करने की मांग भी उठाई है। साथ ही सरकारी कार्यों के लिए विभाग की ओर से लैपटॉप और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। लेखपालों का कहना है कि राजस्व संबंधी अधिकांश कार्यों में ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ गया है, इसलिए कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
संघ ने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर 17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। फिलहाल यह कार्य बहिष्कार संघ की ओर से दी गई चेतावनी है; आंदोलन की आगे की स्थिति सरकार की प्रतिक्रिया और संघ के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगी।