2022 में पसगवां के रूरा गांव में हुई थी वारदात; हत्या के साथ आर्म्स एक्ट में भी दोषी करार, तीन साल की अतिरिक्त सजा
लखीमपुर खीरी। पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए पति मुन्ना को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे मोहम्मदी दिनेश गौतम की अदालत ने मंगलवार को हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास के साथ 11 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
मामला पसगवां थाना क्षेत्र के रूरा गांव का है। यहां 13 जुलाई 2022 को मुन्ना और उसकी पत्नी शाहजहां के बीच विवाद हुआ था। अभियोजन के अनुसार, इसी दौरान मुन्ना ने बांके से शाहजहां पर हमला कर दिया था। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा
घटना के बाद रफी अहमद की शिकायत पर मुन्ना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर खून से सना बांका बरामद किया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में साक्ष्य के साथ आरोप पत्र दाखिल किया।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना दोषी
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से रफी अहमद, चांदनी, यासीन और डॉ. निशात गुप्ता सहित संबंधित गवाहों की गवाही अदालत के समक्ष कराई गई।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही पर विचार करने के बाद मुन्ना को पत्नी शाहजहां की हत्या का दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद तथा 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
आर्म्स एक्ट में भी तीन साल की सजा
अदालत ने मुन्ना को आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में भी दोषी पाया। इस मामले में उसे तीन वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इस तरह करीब चार साल पुराने हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए दोषी पति को सजा सुनाई है।