पलिया/लखीमपुर खीरी। कोतवाली पलिया पुलिस ने पटिहन क्षेत्र में महिला से हुई चेन स्नैचिंग की वारदात का 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने वारदात में कथित रूप से शामिल दो युवकों के साथ छीनी गई चेन खरीदने के आरोप में एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से सोने की चेन, तीन मोबाइल फोन, नकदी बरामद की गई है, जबकि घटना में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को सीज कर दिया गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पलिया के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक पलिया की टीम ने की।
ब्यूरो रिपोर्ट: संजय कुमार राठौर | NHP भारत NEWS, लखीमपुर खीरी
मानफार्म जाने वाले रास्ते से तीनों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों को 27 सितंबर को सुबह करीब 7:28 बजे मानफार्म की ओर जाने वाले रास्ते पर केले के खेत के पास से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा (22) पुत्र प्रेमचंद निवासी नई बस्ती ढाकिन, पवन (24) पुत्र रामरतन निवासी मोहल्ला ढाकिन और अमरनाथ (23) पुत्र भरत निवासी कुशीनगर, हाल पता नई बस्ती ढाकिन के रूप में बताई गई है।
पुलिस का दावा है कि शिवा और पवन चेन स्नैचिंग की घटना में शामिल थे, जबकि अमरनाथ पर चोरी का माल खरीदने का आरोप है।
सोने की चेन, 3 मोबाइल और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से महिला से छीनी गई बताई जा रही सोने की चेन, तीन मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय मुद्रा और 10 रुपये नेपाली मुद्रा बरामद करने की जानकारी दी है।
घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल UP-31-CC-5333 को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया है।
मुकदमे में धारा 317(2) BNS बढ़ाई
पुलिस के मुताबिक कोतवाली पलिया में इस मामले में मुकदमा संख्या 288/2026, धारा 304(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज था।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शिवा पर 6 और पवन पर 3 मुकदमे दर्ज होने का पुलिस का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी शिवा के खिलाफ पूर्व में हत्या और गैंगस्टर एक्ट समेत छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं पवन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत तीन मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पूर्व में मुकदमे दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। संबंधित मामलों में दोषसिद्धि का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होता है।
न्यायालय में पेश किए जा रहे आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना की जा रही है।