वाराणसी: केसरिया भारत ने उठाई 'एक देश, एक बोर्ड, एक फीस' की मांग

Varanasi

महंगी शिक्षा देश, समाज और संस्कृति के लिए अभिशाप: केसरिया भारत ने उठाई 'एक देश, एक बोर्ड, एक फीस, एक पाठ्यक्रम' की मांग

Aug 3, 2026
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वाराणसी (चौबेपुर)। महंगी शिक्षा व्यवस्था के विरोध में केसरिया भारत द्वारा चलाए जा रहे "एक देश, एक बोर्ड, एक फीस, एक पाठ्यक्रम" अभियान के तहत रविवार को शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों के साथ छात्र-अभिभावक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अकथा स्थित उषा गेस्ट हाउस में आयोजित यह संवाद अभियान का छठवां चरण था, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

बैठक को संबोधित करते हुए केसरिया भारत के प्रमुख संयोजक कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, न कि व्यापार का। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग शिक्षा बोर्ड, अलग-अलग फीस और अलग-अलग पाठ्यक्रम होने के कारण छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक एवं मानसिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना था कि समान और संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था ही सभी बच्चों को समान अवसर प्रदान कर सकती है तथा सामाजिक न्याय की वास्तविक आधारशिला बन सकती है।

प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा कि शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण ने लाखों परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। उन्होंने सरकार से पूरे देश में एक समान बोर्ड, एक समान फीस और एक समान पाठ्यक्रम लागू कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं समानता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केसरिया भारत इस जनहित के मुद्दे को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चलाता रहेगा।

डॉ. चंद्रदेव पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि समान शिक्षा नीति समय की आवश्यकता है। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्राप्त होंगे।

राकेश त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा पर लगातार बढ़ता आर्थिक बोझ समाज के लिए चिंता का विषय है और सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में समानता आने से छात्रों के बीच भेदभाव समाप्त होगा और देश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।

गोस्वामी तुलसीदास विचार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विशाल दुबे ने कहा कि केसरिया भारत का यह अभियान जनहित से जुड़ा हुआ है और समाज के प्रत्येक वर्ग को इससे जुड़कर समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूत करना चाहिए।

बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि इस अभियान को आने वाले दिनों में गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा सके।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक मिश्र ने किया, जबकि अध्यक्षता उपेंद्र सिंह ने की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ।

इस अवसर पर विपिन पांडेय, रामवली पटेल, राजन मिश्र, सोनू गौड़, नितेश मिश्र, दिलीप सिंह, बबलू पांडेय, अरुण दुबे, नरेंद्र मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, मार्कण्डेय त्रिपाठी, शैलेन्द्र पाण्डेय सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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