वाराणसी: शहर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। करंट लगने से संविदा लाइनमैन भारत कुमार उर्फ भरत लाल (40) की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन करीब 100 लोगों के साथ भेलूपुर स्थित कामाक्षा पावर हाउस पहुंचे और शव को परिसर के अंदर रखकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। परिजनों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा पेंशन की व्यवस्था करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मृतक भारत कुमार पुत्र कल्लू प्रसाद, राजातालाब क्षेत्र के हरपुर-भैरवनाथ गांव के निवासी थे। वह भदैनी पावर हाउस में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे।
बताया जा रहा है कि पांडेघाट गली स्थित मकान संख्या D-23/1 के पास लो-टेंशन (एलटी) लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान भारत कुमार अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि वह बिजली के खंभे से नीचे गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक की बहन संगीता ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि रात करीब 2:30 बजे परिवार को फोन पर हादसे की सूचना मिली। जब तक परिवार अस्पताल पहुंचा, तब तक भारत कुमार की मौत हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि भारत कुमार परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।
वहीं, मृतक की पत्नी चंदा देवी ने भी विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके पति रात 11 बजे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। उनकी ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक थी।
पत्नी का आरोप है कि लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने कथित रूप से लापरवाही करते हुए बिजली सप्लाई चालू कर दी, जिससे भारत कुमार करंट की चपेट में आ गए और खंभे से नीचे गिर पड़े।
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पेंशन की मांग की है।
फिलहाल कामाक्षा पावर हाउस परिसर में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं। पूरे मामले पर प्रशासन और विद्युत विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।