जिला रिपोर्टर – राहुल द्विवेदी
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कानपुर। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बन गई है। वायरल तस्वीर में एक व्यक्ति प्रचार वाहन पर खड़ा दिखाई दे रहा है और उसके हाथ में राष्ट्रीय ध्वज नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस दौरान तिरंगे को उल्टी दिशा में पकड़ा गया था।
तस्वीर में कथित तौर पर हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों, रैलियों और प्रचार गतिविधियों में राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल करते समय उसकी गरिमा और निर्धारित नियमों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी
वायरल तस्वीर सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है और उसके प्रदर्शन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए कुछ लोगों ने संबंधित व्यक्ति की पहचान करने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि तस्वीर किसी सार्वजनिक या राजनीतिक कार्यक्रम की है तो वहां मौजूद जिम्मेदार लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के सही प्रदर्शन को सुनिश्चित क्यों नहीं किया।
प्रशासन और पुलिस से तथ्यात्मक जांच की मांग
मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस से वायरल तस्वीर की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की जा रही है। मांग है कि तस्वीर कब और कहां की है, इसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति कौन है और किन परिस्थितियों में राष्ट्रीय ध्वज इस स्थिति में दिखाई दिया, इसकी पुष्टि की जाए।
यदि जांच में राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित लागू नियमों या कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी सोशल मीडिया पर उठ रही है।
वायरल दावे की आधिकारिक पुष्टि बाकी
हालांकि, इस मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। वायरल तस्वीर में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान, तस्वीर के वास्तविक स्थान, समय और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। संबंधित व्यक्ति या संगठन का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में केवल वायरल तस्वीर के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। तस्वीर की वास्तविकता और परिस्थितियां प्रशासनिक या पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़ा मामला संवेदनशील होने के कारण तथ्यों की पूरी जांच जरूरी है। अब देखना होगा कि वायरल तस्वीर को लेकर संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई जांच अथवा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।