कानपुर। महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कमिश्नरेट कानपुर नगर द्वारा "शक्ति संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों एवं पुलिस अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी साझा की।
इस जागरूकता कार्यक्रम में 200 से अधिक शिक्षिकाओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, काउंसलरों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक बनाना था।
"साइलेंट क्राइम" फिल्म का किया गया प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को जागरूक करने के लिए "साइलेंट क्राइम" नामक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, साइबर ठगी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल तरीके से समझाया गया।
इसके अलावा मिशन शक्ति अभियान पर विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों और साइबर अपराधों से बचने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त ने दिया जागरूकता का संदेश
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने उपस्थित महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि "जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है।" उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के अपराध, उत्पीड़न या साइबर ठगी की स्थिति में बिना किसी झिझक के पुलिस से संपर्क करें और उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करें।
उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वासी, सतर्क और डिजिटल रूप से जागरूक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि समय पर शिकायत और सही जानकारी से कई अपराधों को रोका जा सकता है।
प्रतिभागियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने कमिश्नरेट पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सुरक्षा, विश्वास और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी