कानपुर: SBI लॉकर से ₹50 लाख के जेवर गायब होने का आरोप, मुकदमा दर्ज

Kanpur Nagar

कानपुर: बैंक लॉकर से ₹50 लाख के जेवर गायब होने का आरोप, 23 साल बाद लॉकर खोला तो महिला के उड़े होश

Aug 11, 2026
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ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर (उत्तर प्रदेश)

कानपुर के स्वरूप नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा के लॉकर से करीब 50 लाख रुपये के सोने के जेवर गायब होने का मामला सामने आया है। कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा ने बैंक प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत की। शिकायत के आधार पर स्वरूप नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महिला का दावा है कि उन्होंने करीब 23 साल बाद बैंक लॉकर खोला, लेकिन उसमें रखे सोने के जेवर नहीं मिले। पुलिस अब वर्षों पुराने बैंक रिकॉर्ड, लॉकर संचालन और बैंक के विलय के दौरान रिकॉर्ड ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

2003 में मिला था लॉकर नंबर 23

रश्मि अरोड़ा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2003 में स्वरूप नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की शाखा में बचत खाता खुलवाया था। इसी दौरान उन्हें लॉकर नंबर 23 आवंटित किया गया था।

उनका कहना है कि उन्होंने समय-समय पर अपने सोने के आभूषण लॉकर में सुरक्षित रखे थे। पति की मृत्यु के बाद वह अपनी बेटी के साथ लखनऊ में रहने लगीं, जिसके कारण लंबे समय तक लॉकर नहीं खोल सकीं। इस दौरान लॉकर का शुल्क उनके बैंक खाते से कटता रहा।

चार महीने पहले शुरू की पुराने लॉकर की तलाश

महिला के मुताबिक, करीब चार महीने पहले वह अपनी बेटी के साथ बैंक पहुंचीं। वहां उन्हें पता चला कि जिस बैंक में उनका लॉकर था, उसका बाद में SBI में विलय हो चुका है।

इसके बाद उन्होंने बैंक से अपने पुराने लॉकर की जानकारी जुटानी शुरू की। 21 जुलाई को बैंक पहुंचने पर उन्हें पुराने लॉकर नंबर के संबंध में जानकारी मिली, लेकिन उस समय चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण लॉकर नहीं खोला जा सका।

27 जुलाई को खुला लॉकर, जेवर नहीं मिलने का दावा

आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला 27 जुलाई को दोबारा बैंक पहुंचीं। रश्मि अरोड़ा का आरोप है कि जब लॉकर खोला गया तो उसमें उनके सोने के आभूषण मौजूद नहीं थे।

उन्होंने गायब बताए जा रहे आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब ₹50 लाख बताई है। इसके बाद महिला ने बैंक अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन उनका आरोप है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची महिला

मामले में महिला ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर स्वरूप नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लॉकर में आभूषण रखे गए थे तो वे कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए। करीब 23 वर्षों तक लॉकर नहीं खोले जाने के कारण घटनाक्रम की सही समय-सीमा निर्धारित करना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।

पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस बैंक से लॉकर से जुड़े पुराने दस्तावेज, शुल्क भुगतान का रिकॉर्ड, लॉकर संचालन से संबंधित विवरण और अन्य उपलब्ध सुरक्षा रिकॉर्ड जुटा रही है।

इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लॉकर नंबर 23 कब-कब संचालित हुआ, उसे खोलने की प्रक्रिया क्या रही और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के SBI में विलय के दौरान लॉकर संबंधी रिकॉर्ड किस तरह स्थानांतरित किए गए।

पुलिस आवश्यकता पड़ने पर बैंक के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है।

जांच के बाद साफ होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल करीब ₹50 लाख के जेवर गायब होने का दावा शिकायतकर्ता की ओर से किया गया है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि लॉकर में रखे आभूषण कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए तथा मामले में किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

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