कानपुर में फिर धंसी सड़क! डाट नाला रोड पर बना करीब 30 फीट चौड़ा गड्ढा, मकान कराए जा रहे खाली
कानपुर। शहर में सड़क धंसने की एक और घटना सामने आई है। डाट नाला रोड पर सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंसने से विशाल गड्ढा बन गया। गड्ढे की चौड़ाई करीब 30 फीट बताई जा रही है। सड़क धंसने के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। खतरे की आशंका के चलते प्रभावित क्षेत्र के नजदीक स्थित मकानों को खाली कराए जाने की बात सामने आई है।
सड़क धंसते ही मचा हड़कंप
डाट नाला रोड पर सड़क का हिस्सा धंसने के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ा गड्ढा बनने के कारण इस मार्ग से आवागमन भी जोखिम भरा हो गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
आसपास के मकानों को लेकर बढ़ी चिंता
सड़क के बड़े हिस्से के धंसने के बाद सबसे ज्यादा चिंता आसपास बने मकानों की सुरक्षा को लेकर है। गड्ढे का दायरा बढ़ने की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर नजदीकी मकानों को खाली कराया जा रहा है।
लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क के नीचे की मिट्टी किस वजह से खिसकी और क्या आसपास के मकानों की नींव पर भी इसका कोई असर पड़ा है।
नाला या भूमिगत संरचना से जुड़ी समस्या की जांच जरूरी
सड़क धंसने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। भूमिगत नाले, सीवर लाइन, पानी के रिसाव अथवा मिट्टी के कटाव जैसी संभावनाओं की जांच संबंधित विभागों द्वारा किए जाने की जरूरत है।
विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि सड़क के नीचे कितना हिस्सा प्रभावित हुआ है और इसे सुरक्षित तरीके से दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाने होंगे।
लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। गड्ढे के आसपास आवाजाही रोकने, क्षेत्र की बैरिकेडिंग करने और आसपास की इमारतों की स्थिति का तकनीकी आकलन किए जाने की आवश्यकता है।
घटना ने शहर की सड़क और भूमिगत बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब निगाहें संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर हैं कि सड़क धंसने की वास्तविक वजह का पता कब तक लगाया जाता है और प्रभावित हिस्से की मरम्मत व आसपास के मकानों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।