कानपुर। सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामने आ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक नई पहल करते हुए शहर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद एवं समन्वय बैठक आयोजित की। 20 अगस्त 2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल माध्यमों से जनजागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि वे अपनी डिजिटल पहुंच का इस्तेमाल सकारात्मक और जनहित से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए करें। इस दौरान कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा तैयार की गई ‘Silent Crimes’ फिल्म भी दिखाई गई, जिसके माध्यम से डिजिटल दुनिया में होने वाले अपराधों और उनसे बचाव को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में इन्फ्लुएंसर्स से संवाद
बैठक पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें शहर के विभिन्न सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया।
इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा और अपर पुलिस उपायुक्त/स्टाफ ऑफिसर योगेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों और इन्फ्लुएंसर्स के बीच सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत और उसके समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा हुई। इस बात पर जोर दिया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल लोगों को साइबर अपराधों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है।
‘Silent Crimes’ फिल्म का किया गया प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर द्वारा तैयार की गई ‘Silent Crimes’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
फिल्म के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को सतर्क करने का प्रयास किया गया।
डिजिटल दुनिया में कई बार अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। ऐसे में जागरूकता और डिजिटल सतर्कता को साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
AI और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर चर्चा
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा की गई।
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में सोशल मीडिया और AI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी, जानकारी की सत्यता और साइबर सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया गया।
इन्फ्लुएंसर्स से कहा गया कि वे अपने फॉलोअर्स और दर्शकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में सहयोग करें।
साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे इन्फ्लुएंसर्स
पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बड़ी डिजिटल पहुंच को देखते हुए उन्हें साइबर अपराधों के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इन्फ्लुएंसर्स द्वारा प्रकाशित वीडियो, पोस्ट और अन्य कंटेंट देखते हैं। ऐसे में साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित सही जानकारी लोगों तक तेजी से पहुंचाई जा सकती है।
बैठक में इन्फ्लुएंसर्स को जिम्मेदार सोशल मीडिया इस्तेमाल और साइबर अपराध से बचाव से संबंधित संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया गया।
सकारात्मक और रचनात्मक कंटेंट को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सकारात्मक और रचनात्मक कंटेंट को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया समाज में विचारों और सूचनाओं को तेजी से प्रसारित करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसलिए इसका उपयोग जनहित, सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने में किया जाना चाहिए।
पुलिस और इन्फ्लुएंसर्स के बीच बेहतर समन्वय की पहल
बैठक में पुलिस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच लगातार संवाद एवं बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
इस पहल का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के साथ आम लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना है।
कानपुर पुलिस की इस पहल के माध्यम से सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच को साइबर सुरक्षा और जनजागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आने वाले समय में पुलिस और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के बीच बेहतर समन्वय साइबर अपराधों से बचाव के संदेश को अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।