रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी | NHP Bharat News
कानपुर। शहर में नशे के कारोबार और उससे जुड़े अपराधी नेटवर्क के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत पुलिस नशीले पदार्थों की बिक्री और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करने में जुटी है।
अभियान के दौरान पुलिस सिर्फ नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि नशे की खेप कहां से आ रही है, स्थानीय स्तर पर इसकी सप्लाई कौन कर रहा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से निगरानी
अभियान के तहत संदिग्ध इलाकों में पुलिस आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है। कई स्थानों पर ड्रोन से निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, फील्ड इंटेलिजेंस और अचानक दबिश के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस का प्रयास नशे के कारोबार से जुड़े ऐसे स्थानों और लोगों की पहचान करना है, जो सामान्य कार्रवाई के दौरान बच निकलते हैं।
सचेंडी, बिधनू और रावतपुर में कार्रवाई
अभियान के तहत सचेंडी, बिधनू और रावतपुर समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन कार्रवाइयों में नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ संदिग्धों और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस बरामदगी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान आरोपियों के संपर्क और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाल रही है।
सप्लायर से लेकर स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी
कमिश्नरेट पुलिस की रणनीति नशे की खेप पकड़ने के साथ पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने पर केंद्रित है। इसके लिए गिरफ्तार या चिह्नित आरोपियों के संपर्कों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशे के कारोबार पर स्थायी रूप से अंकुश लगाने के लिए केवल स्थानीय विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे मौजूद सप्लायर और संगठित नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है।
ADCP क्राइम की टीम जुटा रही इनपुट
एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके की टीम विभिन्न माध्यमों से लगातार इनपुट जुटा रही है। फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के कारण नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर पुलिस का दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।
युवाओं को नशे से बचाने पर भी जोर
पुलिस कार्रवाई के साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए जनसहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।