कानपुर | NHP Bharat Published BY: अवधेश कुमार
कानपुर। लापता व्यापारी देवेश शुक्ला के शव का परिजनों को सूचना दिए बिना 'अज्ञात' के रूप में अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीर मानते हुए पश्चिम जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो उपनिरीक्षकों (दरोगा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि दो थाना प्रभारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, व्यापारी देवेश शुक्ला बीते 2 जुलाई से चकरपुर मंडी क्षेत्र से लापता थे। बाद में उनका शव मिलने के बावजूद परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई और शव का अंतिम संस्कार अज्ञात व्यक्ति के रूप में करा दिया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने पनकी थाने में तैनात दो दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, लापरवाही के आरोपों को लेकर सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा और पनकी थाना प्रभारी दिनेश विष्ट की भूमिका की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि थानों और चौकियों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही, संवेदनहीनता और जिम्मेदारियों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मामले के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है और संबंधित प्रकरण की जांच जारी है।