कानपुर। कानपुर में मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों से कथित तौर पर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने मेट्रो में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने का भरोसा देकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से रकम ली। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने और रुपये वापस न होने पर पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस से कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने का आरोप
पीड़ितों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर दावा किया कि मेट्रो में नौकरी लगवाने के लिए भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए उनसे रुपये जमा कराने की बात कही गई।
नौकरी की उम्मीद में कुछ युवक-युवतियों ने कथित तौर पर आरोपियों की बातों पर भरोसा कर अलग-अलग रकम दे दी। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने लोगों से कितनी धनराशि ली गई है।
कभी भर्ती तो कभी दस्तावेज का दिया गया हवाला
आरोप है कि रकम लेने के बाद पीड़ितों को लगातार नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा। कभी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई तो कभी दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया।
समय बीतने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ितों को संदेह हुआ और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।
पीड़ितों का दावा—न नौकरी मिली, न रुपये वापस
पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर भी उन्हें अलग-अलग बहाने बताकर टाला गया। बाद में कुछ लोगों द्वारा फोन बंद कर संपर्क से बचने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही कथित तौर पर दी गई रकम वापस की गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से कर जांच की मांग की गई।
पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
मामले में आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि कथित ठगी में कितने लोग शामिल हैं, कितने अभ्यर्थियों से रुपये लिए गए और कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
यह भी जांच का विषय है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका किसी वास्तविक भर्ती प्रक्रिया या संबंधित संस्था से कोई संबंध था अथवा नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर झांसे में लिया गया।
नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से रहें सावधान
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को किसी भी सरकारी विभाग, सार्वजनिक संस्था या बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर किसी निजी व्यक्ति को रकम देने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक सूचना की जांच करनी चाहिए।
भर्ती विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया, वेबसाइट और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी का आधिकारिक माध्यम से सत्यापन करना जरूरी है। संदिग्ध व्यक्ति द्वारा नौकरी के बदले रुपये मांगने की स्थिति में संबंधित संस्था और पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: खबर में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ताओं/पीड़ित पक्ष के कथनों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना शेष है। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर खबर को आवश्यकतानुसार अपडेट किया जा सकता है।
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