कानपुर: जमीन विवाद में कुलगांव चौकी के दरोगा पर आरोप, थाना प्रभारी ने किया खंडन; वीडियो वायरल

Kanpur Nagar

कानपुर: विवादित जमीन के मामले में कुलगांव चौकी के दरोगा पर लगे गंभीर आरोप, थाना प्रभारी ने किया खंडन; वायरल वीडियो से गरमाया मामला

Aug 17, 2026
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कानपुर। महाराजपुर थाना क्षेत्र में विवादित जमीन और रुपये के लेनदेन से जुड़े मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। छतमरा निवासी चंद्रभान गुप्ता ने कुलगांव चौकी के एक दरोगा पर जमीन से जुड़े विवाद में हस्तक्षेप करने और रुपये के लेनदेन को लेकर दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए हैं। मामले से जुड़ा बताया जा रहा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।

हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं महाराजपुर थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने दरोगा पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताते हुए मामले का दूसरा पक्ष सामने रखा है।

शिकायतकर्ता ने दरोगा की भूमिका पर उठाए सवाल

छतमरा निवासी चंद्रभान गुप्ता के मुताबिक, जमीन के लेनदेन को लेकर उसका एक व्यक्ति से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी विवाद में कुलगांव चौकी के दरोगा ने हस्तक्षेप किया।

चंद्रभान का आरोप है कि विवादित जमीन का मामला सुलझाने के नाम पर रकम के लेनदेन की बात सामने आई और पुलिस की भूमिका सामान्य शिकायत के निस्तारण से आगे बढ़ गई।

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने आरोपों को बताया गलत

महाराजपुर थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने दरोगा पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने दूसरे पक्ष से दो लाख रुपये चेक के माध्यम से लिए थे।

उनका कहना है कि आरोप के अनुसार, रुपये लेने के बाद शिकायतकर्ता न तो संबंधित रकम वापस कर रहा था और न ही जमीन का बैनामा कर रहा था। इसी को लेकर दूसरे पक्ष की ओर से पुलिस से शिकायत की गई थी।

दोनों पक्षों को चौकी बुलाने की बात

थाना प्रभारी के मुताबिक, दूसरे पक्ष से शिकायत मिलने के बाद संबंधित दरोगा ने दोनों पक्षों को कुलगांव चौकी बुलाया था। वहां मामले को लेकर दोनों पक्षों से बातचीत की गई।

थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायतकर्ता से रुपये वापस करने के संबंध में कहा गया था। उनके मुताबिक, इसी कार्रवाई को अब दरोगा द्वारा रुपये का लेनदेन कराने या जमीन का मामला मैनेज करने के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस तरह मामले में शिकायतकर्ता और पुलिस की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा

मामले से जुड़ा बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आने के बाद विवाद और चर्चा में आ गया है। वीडियो में वास्तव में क्या परिस्थितियां हैं, वह कब और कहां रिकॉर्ड किया गया तथा उसका पूरा संदर्भ क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

ऐसे में केवल वायरल वीडियो के आधार पर किसी पक्ष के दावे को अंतिम तथ्य के रूप में स्थापित करना उचित नहीं होगा।

निष्पक्ष जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविकता

पूरे मामले में एक तरफ शिकायतकर्ता दरोगा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी ओर थाना प्रभारी ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे दो लाख रुपये और जमीन के बैनामे से जुड़े विवाद का मामला बताया है।

ऐसे में शिकायत, बैंकिंग लेनदेन, जमीन से जुड़े दस्तावेज, दोनों पक्षों के बयान और वायरल वीडियो की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल यह भी देखना होगा कि मामले में विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की जाती है या नहीं। जांच होने की स्थिति में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस की भूमिका शिकायत के निस्तारण तक सीमित थी या शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य है।

नोट: दरोगा के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। महाराजपुर थाना प्रभारी ने इन आरोपों का खंडन किया है। वायरल वीडियो और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Rahul Dwivedi
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Rahul Dwivedi
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