कानपुर | NHP Bharat Published BY: राहुल द्विवेदी
कानपुर। मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश ने कानपुर शहर की जल निकासी व्यवस्था और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि काकादेव क्षेत्र स्थित पर्वकुंज अपार्टमेंट का बेसमेंट धंसने की घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य अपार्टमेंट के बेसमेंट धंसने की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न होने से यातायात भी प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि मेट्रो निर्माण और बड़े पैमाने पर हो रही खुदाई के बाद से आसपास के कई अपार्टमेंटों, निर्माणाधीन भवनों और सड़क किनारे स्थित इमारतों में दरारें आने तथा जमीन धंसने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। उनका कहना है कि इन मामलों की विशेषज्ञों से तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
ड्रेनेज व्यवस्था पर भी सवाल
लगातार हो रहे जलभराव को लेकर लोगों ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में शहर के कई हिस्सों का जलमग्न हो जाना यह दर्शाता है कि ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है।
फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से बेसमेंट धंसने के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोग प्रशासन से शीघ्र निरीक्षण, तकनीकी जांच और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं।
नोट: मेट्रो निर्माण और खुदाई को घटनाओं से जोड़ने संबंधी बातें स्थानीय निवासियों द्वारा व्यक्त आशंकाएं हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।