कानपुर। शहर में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने जनजागरूकता और सर्वे अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में 31 जुलाई को थाना जाजमऊ क्षेत्र के तिवारीपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों के सैंपल एकत्र किए तथा फाइलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों से बचाव के बारे में जागरूक किया।
स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान करना, संभावित मरीजों की जांच करना तथा लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय भी बताए।
फाइलेरिया निरीक्षक दीपू सिंह ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। उन्होंने कहा कि मच्छर केवल फाइलेरिया ही नहीं बल्कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी कई खतरनाक बीमारियों के वाहक भी होते हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए जनजागरूकता और समय पर रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
अभियान में शामिल स्वास्थ्य टीम की सदस्य नम्रता सिंह ने बताया कि मच्छरों का प्रजनन मुख्य रूप से रुके हुए या धीमी गति से बहने वाले साफ पानी में होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें तथा नियमित साफ-सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी मच्छरों की संख्या बढ़ाकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
इस दौरान आशा कार्यकर्ता ममता सिंह ने ग्रामीणों को फाइलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि "फाइलेरिया से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। स्वच्छता अपनाएं और मच्छरों से दूर रहें।" उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित अभियानों में सहयोग करने और निर्धारित समय पर दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करने की भी अपील की।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे:
- नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छर भगाने वाली दवाओं एवं रिपेलेंट का प्रयोग करें।
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा का निर्धारित मात्रा में सेवन करें।
- बुखार, सूजन या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे, सैंपलिंग और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।