रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी | NHP भारत
कानपुर देहात। कानपुर-इटावा हाईवे पर रविवार रात कांवड़ियों और एक महिला सिपाही के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
वायरल वीडियो के आधार पर कांवड़ियों की ओर से महिला सिपाही पर कथित अभद्रता और अपशब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
करीब एक घंटे तक विवाद होने का दावा
जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार रात कानपुर-इटावा हाईवे पर हुई। किसी बात को लेकर कांवड़ियों और महिला सिपाही के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में तीखी बहस में बदल गई।
बताया जा रहा है कि विवाद करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसकी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
कांवड़ियों ने लगाया अभद्रता का आरोप
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कांवड़ियों ने महिला सिपाही पर उनके साथ अभद्र व्यवहार करने और अपशब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
वहीं महिला सिपाही का पूरा पक्ष अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में वायरल वीडियो के एक हिस्से के आधार पर पूरे घटनाक्रम को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
नेता को फोन करने की बात भी आई सामने
विवाद के दौरान कांवड़ियों की ओर से किसी नेता को फोन किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच बहस होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
इसी दौरान महिला सिपाही कथित तौर पर अधिकारियों और अन्य लोगों को मौके पर बुलाने की बात कहती नजर आ रही हैं। वायरल वीडियो का पूरा संदर्भ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा मामला
घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई, मौके पर कौन-कौन मौजूद था और दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने की असली वजह क्या थी।
वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस
मामले में वायरल वीडियो महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस वीडियो की सत्यता, समय, स्थान और घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
फिलहाल कांवड़ियों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला सिपाही और पुलिस विभाग का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो के कारण यह मामला चर्चा में बना हुआ है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विवाद किस कारण शुरू हुआ और वायरल दावों में कितनी सच्चाई है।