ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर (उत्तर प्रदेश)।
कानपुर कमिश्नरेट के चमनगंज क्षेत्र में क्रेटा कार खरीदने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि ब्रोकर के माध्यम से कार का सौदा तय हुआ, स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी भी की गई और उसने ₹3.50 लाख का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उसे कार नहीं मिली।
पीड़ित के मुताबिक, सौदा तय होने के बाद उसे भरोसा दिलाया गया था कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होते ही क्रेटा कार सौंप दी जाएगी। आरोप है कि रकम लेने के बाद कार देने के बजाय उसे लगातार अलग-अलग तारीखें देकर टालना शुरू कर दिया गया।
स्टांप पेपर पर हुई लिखापढ़ी, फिर भी नहीं मिली कार
पीड़ित का दावा है कि कार खरीदने का सौदा केवल मौखिक नहीं था, बल्कि इसके लिए स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी भी की गई थी। इसी भरोसे पर उसने कथित विक्रेता को कुल ₹3.50 लाख दिए।
लेकिन भुगतान के बाद भी कार की चाबी उसके हाथ नहीं लगी। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने कार देने या अपनी रकम वापस करने की बात कही तो उसे लगातार गुमराह किया गया।
धमकी देने का भी लगाया आरोप
पीड़ित ने मामले में धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि वह कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित अपनी शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
अधिकारियों को सौंपे लेनदेन के साक्ष्य
पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों को कथित सौदे से संबंधित स्टांप पेपर और लेनदेन के साक्ष्य सौंपे हैं। उसने मांग की है कि दस्तावेजों और भुगतान से जुड़े प्रमाणों की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसकी रकम अथवा कार दिलाई जाए।
फिलहाल ये आरोप पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आधारित हैं। संबंधित विक्रेता अथवा दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आने और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।