कानपुर: BJP कार्यालय में कुर्सी को लेकर भिड़े दो नेता, थप्पड़-चप्पल चले

Kanpur Nagar

कानपुर: BJP कार्यालय में कुर्सी को लेकर भिड़े दो नेता, थप्पड़-लात घूंसे और चप्पलें चलीं

Aug 20, 2026
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कानपुर: BJP कार्यालय में कुर्सी को लेकर भिड़े दो नेता, थप्पड़-लात घूंसे और चप्पलें चलीं; 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित

कानपुर। नौबस्ता स्थित भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय में बुधवार को आयोजित स्वागत समारोह के दौरान पार्टी के दो नेताओं के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि पहले दोनों के बीच कहासुनी और गालीगलौज हुई, इसके बाद थप्पड़, लात-घूंसे और चप्पलें तक चलीं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया।

घटना के समय भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी भी कार्यालय में मौजूद थे। मामला बढ़ने के बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने हस्तक्षेप किया। पार्टी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।

क्षेत्रीय प्रभारी के स्वागत समारोह में हुआ विवाद

भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी के प्रथम आगमन पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में दक्षिण इकाई से जुड़े विनय सिंह राठौर और पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता भी मौजूद थे। दोनों नेता क्षेत्रीय प्रभारी का स्वागत करने के लिए मंच पर पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि मंच से वापस लौटने के बाद कुर्सी पर बैठने को लेकर दोनों नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

कहासुनी के बाद शुरू हुई मारपीट

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, मामूली कहासुनी कुछ ही देर में विवाद में बदल गई। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले गालीगलौज हुई और उसके बाद मारपीट शुरू हो गई।

मौके पर मौजूद दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कराया।

कुछ समय के लिए मामला शांत हो गया, लेकिन बाद में दोनों नेताओं के बीच फिर विवाद होने की बात सामने आई।

थप्पड़ के बाद चप्पल से हमला करने का आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहली बार हुई मारपीट में शिवपूजन सविता द्वारा विनय सिंह राठौर को कथित तौर पर थप्पड़ मारने की बात सामने आई है।

आरोप है कि दोनों को अलग किए जाने के कुछ देर बाद विनय सिंह ने पीछे से आकर शिवपूजन पर चप्पल से हमला किया। इसके बाद एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।

मारपीट के दौरान कुछ लोगों के कपड़े तक फटने की बात कही जा रही है। आखिरकार पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

कार्यालय के बाहर भी जारी रहा विवाद

पार्टी कार्यालय के अंदर विवाद शांत कराने के बाद दोनों नेताओं को बाहर किए जाने की जानकारी है। हालांकि आरोप है कि बाहर निकलने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव समाप्त नहीं हुआ और दोबारा हाथापाई की स्थिति बनी।

स्वागत समारोह के बीच हुए इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए पार्टी कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित

मामले को भाजपा के क्षेत्रीय नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अनुशासित राजनीतिक दल के कार्यालय में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, क्षेत्रीय मंत्री सुनील तिवारी, उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह और ग्रामीण जिलाध्यक्ष उपेंद्र पासवान को शामिल किया गया है।

तीन दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट

जांच कमेटी को पूरे घटनाक्रम की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि जांच में कार्यक्रम के दौरान मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जानकारी ली जा सकती है। उपलब्ध वीडियो अथवा अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा सकता है।

रिपोर्ट में अनुशासनहीनता प्रमाणित होने पर संबंधित नेताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। कार्रवाई निष्कासन तक पहुंच सकती है।

हनुमंत विहार थाने पहुंचे शिवपूजन सविता

पार्टी कार्यालय में हुए विवाद के बाद शिवपूजन सविता अपने समर्थकों के साथ हनुमंत विहार थाने पहुंचे और शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।

शिवपूजन ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक गालियां भी दी गईं। तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाते हुए वह समर्थकों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

यह आरोप शिकायतकर्ता का पक्ष है और पुलिस जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता स्पष्ट होगी।

करीब चार घंटे चला धरना, मेडिकल के लिए भेजा

जानकारी के मुताबिक, थाने के बाहर प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला। इसके बाद पुलिस ने शिवपूजन सविता को मेडिकल परीक्षण के लिए कांशीराम अस्पताल भेजा।

हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव सिंह के मुताबिक, शिकायत प्राप्त कर ली गई है और मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी की आंतरिक जांच और पुलिस कार्रवाई पर नजर

स्वागत कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने पार्टी कार्यालय में अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ भाजपा ने आंतरिक जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस को भी शिकायत दी गई है।

अब पार्टी की जांच रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

नोट: मारपीट के घटनाक्रम और दोनों नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों के कुछ हिस्से प्रत्यक्षदर्शियों एवं संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। पुलिस और पार्टी की जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।


Rahul Dwivedi
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Rahul Dwivedi
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