कानपुर। बिल्हौर पुलिस ने ट्यूबवेल इंजन और ट्रांसफार्मर के पार्ट्स चोरी करने वाले एक कथित अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के ट्यूबवेल इंजन एवं ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, मोबाइल फोन और ₹3,280 नकद बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित, अंकित, शिवम, राकेश और प्रांशू के रूप में हुई है। पांचों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उनके आपराधिक इतिहास के साथ गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर लगे ट्यूबवेल इंजनों और ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाते थे। आरोप है कि वहां से कीमती पार्ट्स चोरी करने के बाद उन्हें दूसरे स्थानों पर खपाया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कानपुर के अलावा किन-किन जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया और चोरी किए गए सामान को कहां बेचा जाता था।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बिल्हौर पुलिस संबंधित थानों और जिलों से संपर्क कर उनके पुराने मामलों एवं अन्य संभावित वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में इन पांच आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं।
चोरी का सामान, मोबाइल और नकदी बरामद
बिल्हौर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ट्यूबवेल इंजन के चोरी किए गए पार्ट्स, ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, मोबाइल फोन और ₹3,280 नकद बरामद किए हैं।
बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। चोरी के सामान से संबंधित पुराने मामलों का मिलान भी किया जा रहा है, जिससे अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह के नेटवर्क, चोरी का सामान खरीदने या खपाने वाले लोगों और अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।
बिल्हौर पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में ट्यूबवेल और ट्रांसफार्मर से संबंधित चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी