कानपुर। सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बावजूद कानपुर में राशन वितरण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बर्रा क्षेत्र में वार्ड बैंक के पास दुकान नंबर 207 स्थित ‘गणेश पार्षद’ नाम से बताई जा रही राशन की दुकान पर कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक यूनिट पर करीब एक किलो राशन कम दिया जाता है। कार्डधारकों के मुताबिक, यदि किसी परिवार में तीन यूनिट हैं तो उन्हें लगभग 12.5 किलो राशन दिया जाता है। जब उपभोक्ता कम राशन दिए जाने का कारण पूछते हैं तो कथित तौर पर दुकान के कर्मचारियों की ओर से कहा जाता है कि उन्हें इतना ही कम राशन देने के लिए कहा गया है।
आरोप यह भी है कि कम राशन का विरोध करने वाले कार्डधारकों को राशन कार्ड कैंसिल कराने की धमकी दी जाती है। इससे गरीब परिवारों में नाराजगी और भय का माहौल बताया जा रहा है।
Tcहालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों से मौके पर जांच कराकर इलेक्ट्रॉनिक मशीन में दर्ज वितरण, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक रूप से वितरित राशन का मिलान कराना जरूरी है।
सरकारी व्यवस्था के तहत राशन कार्ड और खाद्य वितरण व्यवस्था खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़ी है।
अब सवाल यह है कि यदि गरीब कार्डधारकों को वास्तव में निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? आम जनता की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए और कार्डधारकों को उनका पूरा हक दिलाया जाए।
जनता का सवाल—गरीब के हिस्से के राशन में कटौती आखिर कब रुकेगी?