कानपुर। शहर के बर्रा थाना क्षेत्र के मनोहर नगर, बर्रा-2 इलाके में कथित रूप से अवैध गैस रिफिलिंग का कारोबार संचालित किए जाने की सूचना सामने आई है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि एक निजी मकान में घरेलू गैस सिलेंडरों से कथित तौर पर गैस रिफिलिंग की जा रही है। रिहायशी इलाके में इस तरह की गतिविधि होने के आरोपों से आसपास के लोगों ने आग और विस्फोट जैसी दुर्घटना की आशंका जताई है।
निजी मकान में रिफिलिंग किए जाने का आरोप
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मनोहर नगर के एक निजी मकान में घरेलू गैस सिलेंडरों से गैस निकालने और दूसरे सिलेंडरों में भरने का कथित काम किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की संबंधित विभाग या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि रिहायशी इलाके में बिना आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और अनुमति के गैस रिफिलिंग की जा रही है तो यह आसपास रहने वाले परिवारों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
बर्रा क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी गतिविधि का दावा
सूत्रों ने दावा किया है कि मामला केवल मनोहर नगर तक सीमित नहीं है और बर्रा थाना क्षेत्र के कुछ अन्य इलाकों में भी इस तरह की गतिविधियां संचालित हो सकती हैं। इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
गैस एजेंसी के डिलीवरी कर्मियों पर भी आरोप
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आसपास की गैस एजेंसियों से जुड़े कुछ डिलीवरी कर्मियों की कथित मदद से सिलेंडरों की अदला-बदली की जाती है। यह भी फिलहाल आरोप मात्र है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए संबंधित गैस एजेंसी या किसी कर्मचारी की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि घरेलू गैस अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण असुरक्षित तरीके से सिलेंडर संभालना आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लोगों ने पुलिस, आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत का संज्ञान लेकर मौके की जांच कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और जांच में कथित गैस रिफिलिंग को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
नोट: अवैध गैस रिफिलिंग और डिलीवरी कर्मियों की कथित संलिप्तता संबंधी बातें स्थानीय लोगों एवं सूत्रों के आरोपों पर आधारित हैं। आधिकारिक जांच में पुष्टि होने तक इन्हें स्थापित तथ्य न माना जाए।
रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी