कन्नौज नवोदय विद्यालय में करीब 100 छात्रों का विरोध, भूख हड़ताल शुरू

Kannauj

कन्नौज: जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों का हंगामा, खराब भोजन और अभद्र व्यवहार का आरोप; करीब 100 छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल

Aug 14, 2026
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कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता खराब होने और प्रधानाचार्य, शिक्षकों व वार्डन द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। विरोध में करीब 100 छात्रों ने खुद को हॉस्टल के कमरे में बंद कर भूख हड़ताल शुरू कर दी और जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।

छात्रों का आरोप है कि उन्हें कई दिनों से खराब गुणवत्ता वाला भोजन दिया जा रहा है। खाने में कथित तौर पर कीड़े-मकौड़े निकलने की शिकायत भी छात्रों ने की है। उनका कहना है कि जब भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जाती है तो समस्या का समाधान करने के बजाय उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

प्रधानाचार्य पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप

विरोध कर रहे छात्रों ने प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि शिकायत करने पर उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने उनसे कथित तौर पर कहा, “तुम नाली के कीड़े हो, उसी में मर जाओगे।”

हालांकि, यह कथन छात्रों की ओर से लगाया गया आरोप है। प्रधानाचार्य अथवा विद्यालय प्रशासन का इस आरोप पर पक्ष सामने आने के बाद ही इसकी स्वतंत्र पुष्टि हो सकेगी।

हॉस्टल के कमरे में खुद को बंद कर जताया विरोध

छात्रों ने विरोध का अलग तरीका अपनाते हुए सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय खुद को हॉस्टल के कमरे में बंद कर लिया। अंदर से नारेबाजी करते हुए छात्रों ने भोजन की व्यवस्था सुधारने और कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग की।

करीब 100 छात्रों के विरोध और भूख हड़ताल की बात सामने आने से विद्यालय परिसर में स्थिति गंभीर हो गई। छात्र अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी (DM) के सामने रखने की मांग पर अड़े रहे।

“शिकायत करने पर कहा जाता है, यहां यही मिलेगा”

छात्रों का आरोप है कि भोजन में कीड़े-मकौड़े मिलने सहित गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। छात्रों के अनुसार शिकायत करने पर कथित तौर पर उनसे कहा जाता है कि “यहां यही मिलेगा।”

छात्रों ने प्रधानाचार्य के साथ कुछ शिक्षकों और वार्डन पर भी उनके साथ उचित व्यवहार नहीं करने के आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें सामूहिक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।

छात्रों ने DM से हस्तक्षेप की मांग की

विरोध कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि जिलाधिकारी स्वयं मामले का संज्ञान लें और उनकी समस्याएं सुनें। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने, हॉस्टल एवं मेस की व्यवस्थाओं में सुधार करने और कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले में छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। ऐसे में विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जांच तथा आधिकारिक पक्ष के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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