कानपुर। चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट से 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद आरोपी बहू शालू मिनोचा, पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को जेल से बाहर लाकर पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की। जांच के दौरान शालू का उसके पति और मृतक कारोबारी के बेटे सुब्रत से भी आमना-सामना कराया गया।
पुलिस को तीनों आरोपियों की रिमांड 23 सितंबर दोपहर 12 बजे से 24 सितंबर दोपहर 12 बजे तक मिली थी। पुलिस हत्या की कथित साजिश, फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी, कॉल डिटेल और घटना से पहले व बाद की गतिविधियों से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जेल से शालू, विशाल और राजकिशोर को लेकर निकली पुलिस
पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल से अपनी कस्टडी में लेने के बाद विभिन्न स्थानों पर ले जाकर जांच की। शालू और विशाल की मॉल में खरीदारी सहित वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की गई।
इसके बाद तीनों आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), फ्लैट की चाबी और अन्य साक्ष्यों से संबंधित सवाल पूछे।
शालू और पति सुब्रत का कराया आमना-सामना
जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में पुलिस ने शालू मिनोचा का उसके पति सुब्रत से आमना-सामना कराया। पुलिस दोनों के बयानों का मिलान कर हत्याकांड से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही थी।
जांच में मृतक कारोबारी विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत की भूमिका को लेकर भी पुलिस पड़ताल कर रही थी।
पूछताछ के बाद सुब्रत गिरफ्तार
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रिमांड के दौरान पूछताछ और सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने सुब्रत को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब हत्याकांड में उसकी कथित भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच आगे बढ़ा रही है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।