कानपुर: नीट छात्र से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप

Kanpur Nagar

कानपुर: NEET छात्र से हॉस्टल में मारपीट का आरोप, मोबाइल छीना; छात्र बोला- ₹10 हजार देने पर लौटाने की दी धमकी

Sep 27, 2026
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कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन स्थित काकादेव थाना क्षेत्र में रहकर NEET की तैयारी कर रहे एक छात्र ने हॉस्टल संचालक और उसके साथियों पर मारपीट, रुपये मांगने और मोबाइल फोन छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्र विनोद चौधरी का दावा है कि रुपये देने से इनकार करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।

छात्र ने हॉस्टल संचालक निपेन्द्र यादव के साथ रिंकू और सौरभ नाम के दो लोगों पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। फिलहाल ये सभी आरोप पीड़ित छात्र के पक्ष पर आधारित हैं और पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

छात्र का आरोप- रोजाना मांगे जा रहे थे ₹2 हजार

पीड़ित विनोद चौधरी के मुताबिक वह काकादेव क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रहा है। उसका आरोप है कि हॉस्टल संचालक निपेन्द्र यादव की ओर से उससे कथित तौर पर प्रतिदिन ₹2 हजार की मांग की जा रही थी।

छात्र का दावा है कि उसने रुपये देने से इनकार किया तो इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

तीन लोगों पर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप

विनोद का आरोप है कि घटना के दौरान निपेन्द्र यादव अपने साथियों रिंकू और सौरभ के साथ वहां पहुंचा। छात्र ने तीनों के नशे की हालत में होने का भी आरोप लगाया है।

पीड़ित के मुताबिक पहले उसके साथ गाली-गलौज की गई और इसके बाद मारपीट की गई। हालांकि आरोपियों के नशे में होने समेत इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मोबाइल छीनने और ₹10 हजार मांगने का भी दावा

छात्र ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। उसका दावा है कि मोबाइल वापस करने के बदले उससे कुल ₹10 हजार देने की बात कही गई।

पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि रुपये मांगने और मोबाइल अपने पास रखने को लेकर वास्तविक घटनाक्रम क्या था।

पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार

मामले में हॉस्टल संचालक और उसके साथियों पर लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है या मामले में FIR दर्ज की गई है।

पुलिस की जांच, संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस या आरोपित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

Rahul Dwivedi
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Rahul Dwivedi
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